Indore Central Jail: इंदौर। सावन के दूसरे सोमवार के अवसर पर इंदौर की केंद्रीय जेल में आस्था और भक्ति का अनोखा नजारा देखने को मिला। जेल में बंद करीब एक हजार बंदियों ने सामूहिक रूप से सवा लाख पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। इसके बाद विधि-विधान और धार्मिक मंत्रोच्चार के बीच सभी पार्थिव शिवलिंग का महाअभिषेक किया गया।
इस विशेष आयोजन के दौरान पूरा जेल परिसर धार्मिक माहौल में नजर आया। बंदियों ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया और पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर अभिषेक किया। आयोजन को लेकर जेल प्रशासन की ओर से भी विशेष तैयारियां की गई थीं।
करीब एक हजार बंदियों ने मिलकर बनाए सवा लाख शिवलिंग
सावन के दूसरे सोमवार को आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में केंद्रीय जेल में निरुद्ध करीब एक हजार बंदियों ने हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर 1 लाख 25 हजार पार्थिव शिवलिंग तैयार किए। इसके बाद निर्धारित विधि के अनुसार भगवान शिव का महाअभिषेक किया गया।पार्थिव शिवलिंग निर्माण के दौरान बंदियों में खासा उत्साह देखने को मिला। धार्मिक आयोजन के चलते जेल परिसर में मंत्रोच्चार और पूजा-पाठ का वातावरण बना रहा।
जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक भी हुए शामिल
कार्यक्रम में जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर अपनी पत्नी के साथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भगवान शिव का अभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही उन्होंने आयोजन में शामिल बंदियों का उत्साहवर्धन भी किया।जेल प्रशासन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों की भी मौजूदगी रही। धार्मिक आयोजन के दौरान सभी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया गया।
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने की तैयारी
सवा लाख पार्थिव शिवलिंग के सामूहिक निर्माण और महाअभिषेक के इस आयोजन को अब वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।आयोजन की प्रक्रिया और दावों के सत्यापन के लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की टीम भी केंद्रीय जेल में मौजूद रही। रिकॉर्ड के लिए आवश्यक जानकारी और आयोजन से जुड़े विवरण जुटाए जा रहे हैं।
धार्मिक आयोजन के जरिए सकारात्मक संदेश देने की कोशिश
Indore Central Jail: जेल प्रशासन के इस आयोजन को बंदियों के बीच धार्मिक और सकारात्मक वातावरण बनाने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है। सामूहिक धार्मिक गतिविधियों के जरिए बंदियों को आध्यात्मिक और सामाजिक रूप से सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया गया।
सावन के दूसरे सोमवार पर हुए इस आयोजन ने केंद्रीय जेल को भी भक्ति के रंग में रंग दिया। बड़ी संख्या में बंदियों की सहभागिता और सवा लाख पार्थिव शिवलिंग के निर्माण ने इस आयोजन को खास बना दिया।

