Ambikapur University Financial Irregularities: अंबिकापुर। Sant Gahira Guru University Scam के तहत संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने एक बार फिर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन पर लगे गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक शासन स्तर से कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई न होने से नाराज एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने उग्र आंदोलन की स्पष्ट चेतावनी दी है। एबीवीपी के छात्र नेताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में हुए कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ियों के सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर संगठन का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही राज्यपाल और उच्च शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर औपचारिक शिकायत दर्ज कराएगा।
विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि यदि संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय अंबिकापुर में वित्तीय धांधली की उच्चस्तरीय जांच नहीं बैठाई गई, तो संगठन पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन खड़ा करेगा। एबीवीपी ने यह भी साफ कर दिया है कि छात्रों के हितों की रक्षा और जवाबदेही तय करने के लिए जरूरत पड़ने पर राज्य विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा। विश्वविद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था, परिसर की साफ-सफाई और विभिन्न प्रशासनिक मदों में होने वाले खर्चों में भारी अनियमितता के सवाल छात्र संगठन द्वारा लगातार उठाए जा रहे हैं।
इसके अलावा छात्र संगठन ने विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एबीवीपी का सीधा आरोप है कि कुलपति की नियुक्ति के दौरान तय नियमों और मानकों को दरकिनार किया गया है। इसके साथ ही संगठन ने प्रशासनिक खर्चों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कुलपति के बंगले और कार्यालय भवन के नवीनीकरण के नाम पर एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च कर दी गई। एक तरफ जहां विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे सामान्य विद्यार्थियों के लिए मूलभूत शैक्षणिक सुविधाओं का अभाव बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों के आवास और दफ्तरों के रिनोवेशन पर इतनी भारी-भरकम राशि खर्च किए जाने को लेकर छात्रों में भारी असंतोष व्याप्त है।
उल्लेखनीय है कि संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के मुद्दे पर विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता पहले भी चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। एबीवीपी के प्रदेश मंत्री अनंत सोनी ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामलों में यदि शासन-प्रशासन की ओर से संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई, तो इस आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। जब तक विश्वविद्यालय में पारदर्शी जांच के आदेश नहीं दिए जाते और जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक विद्यार्थी परिषद का यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।

