Ujjain University: उज्जैन। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के MBA चतुर्थ सेमेस्टर के रिजल्ट को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। विश्वविद्यालय की एक छात्रा की मार्कशीट में निर्धारित पूर्णांक से भी अधिक अंक दर्ज होने का मामला सामने आया है। मार्कशीट के अनुसार छात्रा को कुल 1600 अंकों में 1604 अंक दिए गए हैं, यानी कुल 100.25 प्रतिशत अंक दर्ज हुए हैं। मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
ईशा सोनी की मार्कशीट बनी चर्चा का विषय
जानकारी के अनुसार MBA चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा ईशा सोनी की मार्कशीट में कुल 1604 अंक दर्ज हैं। जबकि इस परीक्षा का कुल पूर्णांक 1600 बताया गया है। मार्कशीट में स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट में 55, इंटरनेशनल मार्केटिंग में 77, मार्केटिंग ऑफ सर्विसेज में 81, कॉरपोरेट टैक्सेशन में 47, बिजनेस रिसर्च मेथड्स में 78 और कॉम्प्रिहेंसिव वाइवा-वोसी में 44 अंक दर्ज किए गए हैं।
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Ujjain University: पूर्णांक से अधिक अंक दर्ज होने के बाद यह मार्कशीट चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि, विश्वविद्यालय की ओर से अभी तक इस मामले में आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अंक दर्ज करने में गलती किस स्तर पर हुई और इसे कैसे सुधारा जाएगा।
पहले भी रिजल्ट को लेकर उठ चुके हैं सवाल
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की परीक्षा और रिजल्ट व्यवस्था को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं। हाल ही में बीकॉम प्रथम वर्ष के परिणाम को लेकर देवास के शासकीय कन्या महाविद्यालय की छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी।
बताया गया कि 30 से अधिक छात्राओं को जारी परिणाम में अनुत्तीर्ण कर दिया गया था। इसके बाद छात्राओं और NSUI के पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई और कुलगुरु कार्यालय का घेराव भी किया था।
अब विश्वविद्यालय के जवाब का इंतजार
Ujjain University: MBA छात्रा की मार्कशीट में पूर्णांक से अधिक अंक दर्ज होने के मामले के सामने आने के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से स्पष्टीकरण का इंतजार है। छात्रों की मांग है कि रिजल्ट में हुई गड़बड़ी की जांच कर वास्तविक अंक स्पष्ट किए जाएं और यदि तकनीकी या मानवीय त्रुटि हुई है तो उसे जल्द सुधारा जाए।
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फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि 1604 अंक दर्ज होना केवल एक छात्रा की मार्कशीट से जुड़ी तकनीकी गलती है या MBA चतुर्थ सेमेस्टर के अन्य विद्यार्थियों के परिणाम में भी इसी तरह की त्रुटियां हुई हैं। विश्वविद्यालय की जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही पूरे मामले की स्थिति साफ हो सकेगी।




