Sunday, September 13, 2026
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MNREGA Scam: मनरेगा घोटाला: तत्कालीन जिला पंचायत CEO समेत 8 अधिकारियों पर EOW की बड़ी कार्रवाई, 6 हजार पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में पेश

MNREGA Scam
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MNREGA Scam: रायपुर। छत्तीसगढ़ के 18 साल पुराने कथित मनरेगा घोटाले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन जिला पंचायत CEO समेत 8 अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत, कांकेर में करीब 6 हजार पन्नों का चालान (चार्जशीट) पेश किया है।

MNREGA Scam: यह मामला वर्ष 2006-07 और 2007-08 का है। आरोप है कि मनरेगा के तहत 8 ग्राम पंचायतों में सामग्री खरीदी के दौरान 1 करोड़ 69 लाख 14 हजार 247 रुपये की वित्तीय अनियमितता की गई। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद EOW ने कोर्ट में चालान पेश किया।

MNREGA Scam: जिला स्तर पर कराई गई केंद्रीकृत खरीदी

MNREGA Scam: EOW की जांच के अनुसार, तत्कालीन जिला पंचायत CEO केपी देवांगन ने नियमों की अनदेखी करते हुए जिला स्तर पर ही सामग्री की केंद्रीकृत खरीदी कराई। जबकि नियमानुसार सामग्री खरीदने का अधिकार संबंधित जनपद पंचायतों और ग्राम पंचायतों के पास था।

MNREGA Scam: जांच में सामने आया कि फ्लेक्सी बोर्ड, मस्टर रोल सत्यापन पत्रक, रोजगार गारंटी योजना की गाइडलाइन, रोजगार उपलब्धता रजिस्टर, फाइल कवर, मस्टर रोल पत्रक और श्रमिक जानकारी पत्रक समेत कई सामग्रियों की खरीद निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना की गई।

MNREGA Scam: इन अधिकारियों को बनाया गया आरोपी

MNREGA Scam: EOW ने चालान में तत्कालीन जिला पंचायत CEO केपी देवांगन के साथ सात तत्कालीन जनपद पंचायत CEO को आरोपी बनाया है। इनमें राधाकांत कर (कांकेर), गोवर्धन गजबल्ला (नरहरपुर), परदेशी राम मरकाम (चारामा), भारत राम नेताम (अंतागढ़), रामकिशुन ध्रुव (कोयलीबेड़ा), जीआर ठाकुर (भानुप्रतापपुर) और संवालदास बघेल (दुर्गकोंदल) शामिल हैं।

MNREGA Scam: जांच एजेंसी के मुताबिक, सभी आरोपियों ने कथित रूप से आपसी मिलीभगत कर निविदा और सरकारी खरीद से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया तथा सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए शासकीय राशि के अनियमित उपयोग को अंजाम दिया।

MNREGA Scam: इन धाराओं में दर्ज है मामला

MNREGA Scam: EOW ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120-B (आपराधिक साजिश), 409 (लोक सेवक द्वारा आपराधिक न्यासभंग) और 420 (धोखाधड़ी) के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(C), 13(1)(D) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया है।

MNREGA Scam: मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज हैं दो मामले

MNREGA Scam: EOW के अनुसार, तत्कालीन जिला पंचायत CEO केपी देवांगन के खिलाफ भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग से जुड़े दो अन्य मामले पहले से दर्ज हैं। वर्ष 2009 के मामले में उन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी कर अपात्र अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने का आरोप है। वहीं, वर्ष 2010 के मामले में सरकारी खरीद नियमों का उल्लंघन कर 8.44 करोड़ रुपये से अधिक की शासकीय राशि के कथित दुरुपयोग का आरोप है। EOW के मुताबिक, इन दोनों मामलों में भी अदालत में पहले ही चालान पेश किया जा चुका है।

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