Green Birthday:जमील खान \टीकमगढ़। आज के दौर में जन्मदिन अक्सर केक, पार्टी और आतिशबाजी के साथ मनाए जाते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के लार गांव के एक परिवार ने इस सोच को बदलने की प्रेरणादायक पहल की है। लार ग्राम पंचायत निवासी मुकेश जैन ने अपनी बेटी उपलब्धि जैन और बेटे उत्सव जैन के 11वें जन्मदिन को पर्यावरण संरक्षण के नाम समर्पित करते हुए केक काटने की बजाय फलदार और छायादार पौधों का रोपण किया।परिवार की इस अनूठी पहल ने न केवल बच्चों के जन्मदिन को यादगार बनाया, बल्कि समाज को पर्यावरण संरक्षण का सकारात्मक संदेश भी दिया।
पौधारोपण को बनाया जन्मदिन का उत्सव
शनिवार को प्रतिभास्थली ज्ञानोदय विद्यापीठ परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उपलब्धि और उत्सव ने अपने हाथों से पौधे लगाए। परिवार के सभी सदस्यों ने पौधों की देखभाल और संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर हरियाली के संदेश से गूंज उठा और उपस्थित लोगों ने इस पहल की जमकर सराहना की।
‘पेड़ ही आने वाली पीढ़ियों की सबसे बड़ी पूंजी’
Green Birthday: मुकेश जैन ने कहा कि बदलते पर्यावरण और बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह प्रकृति के संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाए। उन्होंने कहा कि जन्मदिन पर हजारों रुपये खर्च करने से बेहतर है कि एक पौधा लगाया जाए, क्योंकि यही पौधा भविष्य में शुद्ध हवा, फल, छाया और जीवन का आधार बनेगा।उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हर परिवार जन्मदिन, शादी की सालगिरह या किसी भी शुभ अवसर पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाए और उसकी देखभाल भी करे।
बच्चों को बचपन से मिला प्रकृति से जुड़ने का संस्कार
इस पहल का सबसे खास पहलू यह रहा कि बच्चों ने स्वयं पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी को समझा। परिवार का मानना है कि यदि बच्चों को बचपन से ही प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाया जाए, तो वे भविष्य में पर्यावरण बचाने की मुहिम के मजबूत भागीदार बनेंगे।
विद्यालय परिवार ने की सराहना
Green Birthday: कार्यक्रम में मौजूद अरहम सिंघई और विद्यालय की शिक्षिका चित्रलेखा जैन ने उपलब्धि और उत्सव को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए इस पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बन सकते हैं और अन्य परिवारों को भी प्रेरित करेंगे।शिक्षिका चित्रलेखा जैन ने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने जीवन के खास अवसरों को पौधारोपण से जोड़ ले, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
बदलते दौर में समाज के लिए प्रेरणा
मुकेश जैन परिवार की यह पहल साबित करती है कि खुशियों का जश्न केवल केक काटकर नहीं, बल्कि प्रकृति को संवारकर भी मनाया जा सकता है। ऐसे छोटे-छोटे प्रयास न सिर्फ पर्यावरण को सुरक्षित बनाने में मदद करेंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित भविष्य की मजबूत नींव भी रखेंगे।







