Bhopal Traders Notice: भोपाल में 30 हजार व्यापारियों को नोटिस से मचा हड़कंप, चैंबर ऑफ कॉमर्स ने निगम की कार्रवाई पर लगाई रोक की मांग

Bhopal Traders Notice: भोपाल। राजधानी भोपाल में नगर निगम की ओर से बड़ी संख्या में व्यापारियों को जारी किए गए नोटिस के बाद व्यापारिक जगत में चिंता और असंतोष का माहौल है। बताया जा रहा है कि करीब 30 हजार व्यापारियों को 10 दिन के भीतर अपनी दुकानें बंद करने के नोटिस दिए गए हैं। इस कार्रवाई के विरोध में भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री खुलकर व्यापारियों के समर्थन में उतर आया है। चैंबर ने नगर निगम की कार्रवाई को जल्दबाजी भरा कदम बताते हुए तत्काल रोक लगाने और व्यापारियों के हितों की रक्षा करने की मांग की है।

30 हजार व्यापारियों पर कार्रवाई से बढ़ी चिंता

Bhopal Traders Notice: भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष गोविंद गोयल ने प्रेस वार्ता में कहा कि नगर निगम की ओर से हजारों व्यापारियों को दुकानें बंद करने के नोटिस दिए गए हैं, जिससे पूरे व्यापारिक वर्ग में भय और असमंजस की स्थिति बन गई है।

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उन्होंने कहा कि कई व्यापारी दशकों से अपनी दुकानों का संचालन कर रहे हैं और उन्हीं के व्यवसाय पर हजारों परिवारों की आजीविका निर्भर है। ऐसे में बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए अचानक दुकानें बंद कराने का निर्णय छोटे व्यापारियों के लिए बड़ा संकट पैदा कर सकता है।

वैध दस्तावेज होने के बावजूद कार्रवाई पर उठाए सवाल

Bhopal Traders Notice: चैंबर अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जब व्यापारियों के पास नगर निगम का व्यापार लाइसेंस, जीएसटी पंजीकरण, गुमास्ता लाइसेंस और अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं, तो फिर उनके खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई क्यों की जा रही है।

उन्होंने कहा कि वर्षों से वैध रूप से संचालित व्यापारिक प्रतिष्ठानों को एक नोटिस के आधार पर बंद कराना न्यायसंगत नहीं है। प्रशासन को पहले व्यापारियों से संवाद करना चाहिए और फिर कोई निर्णय लेना चाहिए।

‘मिक्स्ड लैंड यूज़’ लागू करने की मांग

Bhopal Traders Notice: भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स ने सरकार और प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। संगठन का कहना है कि शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में ‘मिक्स्ड लैंड यूज़’ की व्यवस्था लागू की जाए, ताकि लंबे समय से संचालित व्यापारिक प्रतिष्ठानों को कानूनी मान्यता मिल सके।

साथ ही यह भी मांग की गई कि भोपाल का नया मास्टर प्लान लागू होने तक नगर निगम की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए और किसी भी व्यापारी को बिना वैकल्पिक स्थान या पुनर्वास योजना के दुकान बंद करने के लिए मजबूर न किया जाए।

मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, मिला सकारात्मक आश्वासन

गोविंद गोयल ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर चैंबर का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात कर ज्ञापन सौंप चुका है।उनके अनुसार मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया है कि वे स्वयं इस विषय की समीक्षा करेंगे और व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाएगा।

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‘छोटे व्यापारियों पर संकट, बड़े कॉरपोरेट को होगा फायदा’

Bhopal Traders Notice: चैंबर ऑफ कॉमर्स का आरोप है कि यदि नगर निगम की यह कार्रवाई इसी तरह जारी रही तो सबसे ज्यादा नुकसान छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों को होगा। वर्षों की मेहनत और करोड़ों रुपये का निवेश प्रभावित होगा, जबकि इसका अप्रत्यक्ष लाभ बड़े कॉरपोरेट कारोबारियों को मिल सकता है।

चैंबर ने सरकार से अपील की है कि व्यापारियों के हितों की रक्षा करते हुए संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाए। संगठन ने कहा कि वह प्रशासन के साथ बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन जब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक नोटिस और कार्रवाई की प्रक्रिया पर रोक लगाई जानी चाहिए।

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