Tikamgarh News:जमील खान \टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में अवैध रेत कारोबार को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। बल्देवगढ़ कस्बे में कथित रेत माफिया और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट, तोड़फोड़ और पुलिस केस तक पहुंच गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।घटना के बाद अवैध रेत खनन और प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
रेत कारोबारी का आरोप- रिश्वत के पैसों को लेकर घर में घुसकर की मारपीट
रेत कारोबारी छोटू राजा ने आरोप लगाया है कि वह क्षेत्र में रेत का कारोबार करता है और हर महीने अधिकारियों को ₹5 हजार दिए जाते थे। उसका दावा है कि इस महीने राशि पहुंचाने में दो दिन की देरी हो गई, जिससे नाराज होकर तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य कर्मचारी शाम करीब 7 बजे उसके घर पहुंचे।
छोटू राजा का आरोप है कि जब वह घर पर नहीं मिला तो अधिकारी कथित तौर पर जबरन घर में घुस गए और उसकी मां, बहन तथा भाभी के साथ मारपीट की। इस घटना में उसकी वृद्ध मां गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नायब तहसीलदार का दावा- अवैध रेत से भरा ट्रैक्टर पकड़ने गए थे
Tikamgarh News: वहीं, बल्देवगढ़ के नायब तहसीलदार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अलग पक्ष रखा है। उनका कहना है कि प्रशासन को अवैध रेत परिवहन की सूचना मिली थी। कार्रवाई के दौरान एक अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर का पीछा करते हुए टीम छोटू राजा के घर तक पहुंची।
नायब तहसीलदार के अनुसार, वहां मौजूद लोगों ने सरकारी टीम पर हमला कर दिया। इस दौरान उनके ड्राइवर के सिर में गंभीर चोट आई और सरकारी वाहन में भी तोड़फोड़ की गई। मामले की शिकायत बल्देवगढ़ थाने में दर्ज करा दी गई है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
पुलिस के अनुसार, बल्देवगढ़ थाने में शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। मामले में शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, तोड़फोड़ और अन्य संबंधित धाराओं के तहत जांच की जा रही है।पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अवैध रेत कारोबार को लेकर उठे सवाल
Tikamgarh News: इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में अवैध रेत खनन को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि यदि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत का कारोबार चल रहा था, तो उस पर पहले प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
हालांकि, प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की सच्चाई पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।







