Political Uproar in CG: दिल्ली में भूपेश बघेल और राहुल गांधी की हिरासत से भड़की कांग्रेस; रायपुर में लोकभवन का घेराव

VIKASH KHALKHO

Political Uproar in CG: रायपुर। संसद में नीट (NEET) परीक्षा में अनियमितताओं पर चर्चा कराने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नई दिल्ली में शुरू हुआ राजनीतिक संग्राम अब छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर तक पहुंच गया है। दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई दिग्गजों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा।

मंगलवार (21 जुलाई 2026) को इस कार्रवाई के विरोध में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर राजधानी रायपुर में जोरदार प्रदर्शन किया और ‘लोकभवन घेराव’ का आह्वान किया।

रस्सियों से बंधे हाथ: दिल्ली में 3 घंटे तक चला हाई-प्रोफाइल धरना

घटनाक्रम की शुरुआत दिल्ली में हुई, जहां कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ नेता नीट मामले को लेकर संसद में बहस और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े थे। विरोध दर्ज कराने के लिए राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और भूपेश बघेल सहित नेताओं ने अपने दोनों हाथ नायलॉन की रस्सियों से बांध रखे थे।

करीब तीन घंटे चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, कर्नाटक के डिप्टी सीएम डी.के. शिवकुमार और भूपेश बघेल को हिरासत में लेकर बसों में बिठाया। इससे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भी मौके से हटाया गया था।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल का आरोप:

हिरासत में लिए जाने के बाद भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि पुलिस उन्हें बस में बिठाकर एयरपोर्ट की ओर ले जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान उनका एक जूता भी छीन लिया गया।

रायपुर के अंबेडकर चौक पर संग्राम, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की

दिल्ली में हुई इस प्रशासनिक कार्रवाई की गूंज रायपुर में तुरंत सुनाई दी। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर चौक पर एकत्रित होकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ उग्र नारेबाजी शुरू कर दी।

  1. लोकभवन की ओर मार्च: कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर लोकभवन की ओर बढ़ना शुरू किया।

  2. पुलिस का कड़ा पहरा: सुरक्षा में तैनात भारी पुलिस बल ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया।

  3. सड़क पर ही धरना: आगे बढ़ने से रोके जाने पर कार्यकर्ताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद आक्रोशित कांग्रेस नेता सड़क पर ही बैठकर केंद्र सरकार विरोधी नारे लगाने लगे।

राहुल गांधी की शर्त और कांग्रेस की मांगें

धरने के दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के सामने शर्त रखते हुए स्पष्ट किया था कि यदि सरकार संसद में नीट परीक्षा पर विस्तृत चर्चा कराने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर आधिकारिक आश्वासन देती है, तो प्रदर्शन तुरंत खत्म कर दिया जाएगा।

वहीं, रायपुर में प्रदर्शन कर रहे नेताओं ने मांग उठाई है कि नीट विरोध प्रदर्शन के दौरान बेकसूर छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर (FIR) तत्काल प्रभाव से वापस ली जाएं। वर्तमान में रायपुर सहित पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज करा रहे हैं।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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