Chhattisgarh UCC: रायपुर। छत्तीसगढ़ में यूनिफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की दिशा में सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। UCC का कानूनी मसौदा (ड्राफ्ट) तैयार करने के लिए गठित उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति की पहली औपचारिक बैठक 24 जुलाई को रायपुर में आयोजित होगी। इस बैठक को राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
24 जुलाई को होगी पहली हाई लेवल बैठक
सरकारी जानकारी के अनुसार, विशेषज्ञ समिति की पहली बैठक 24 जुलाई को दोपहर 12 बजे मंत्रालय में मुख्य सचिव विकास शील के कक्ष में आयोजित होगी। बैठक में UCC लागू करने से जुड़े कानूनी, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं पर प्रारंभिक चर्चा की जाएगी।रिटायर्ड जस्टिस रंजना देसाई कर रही हैं अध्यक्षताराज्य सरकार द्वारा गठित इस उच्चस्तरीय समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना देसाई कर रही हैं।
Chhattisgarh UCC: समिति में शामिल प्रमुख सदस्य हैं—
- उत्तराखंड के पूर्व IAS अधिकारी शत्रुघ्न सिंह
- छत्तीसगढ़ के पूर्व IAS अधिकारी एम.के. रावत
- वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार
- सेवानिवृत्त प्राचार्य ज्योति रानी सिंह
Chhattisgarh UCC: इन विशेषज्ञों की जिम्मेदारी राज्य के लिए UCC का प्रारूप तैयार करना और सरकार को सुझाव देना है।
किन मुद्दों पर होगा मंथन?
पहली बैठक में राज्य के मौजूदा कानूनी ढांचे का अध्ययन किया जाएगा। इसके साथ ही UCC के मसौदे में शामिल किए जाने वाले विभिन्न विषयों पर भी चर्चा होगी। इनमें प्रमुख रूप से—
- विवाह (Marriage)
- तलाक (Divorce)
- भरण-पोषण (Maintenance)
- उत्तराधिकार (Inheritance)
- संपत्ति के अधिकार (Property Rights)
- दत्तक ग्रहण (Adoption)
जैसे विषय शामिल रहेंगे।
समिति इन सभी पहलुओं का अध्ययन कर एक विस्तृत कानूनी मसौदा तैयार करेगी।
सरकार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
Chhattisgarh UCC: बैठकों और अध्ययन के बाद विशेषज्ञ समिति अपनी सिफारिशों के साथ विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। इसके आधार पर सरकार आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया तय करेगी।हालांकि, फिलहाल यह प्रक्रिया प्रारंभिक चरण में है और समिति का मुख्य उद्देश्य विभिन्न कानूनों का अध्ययन कर राज्य के लिए उपयुक्त प्रारूप तैयार करना है।
UCC लागू करने की दिशा में पहला औपचारिक कदम
24 जुलाई को होने वाली यह बैठक छत्तीसगढ़ में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की दिशा में पहला आधिकारिक और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। बैठक के बाद आगे की कार्ययोजना और ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है।







