Major Accident in BSP: भिलाई। देश के प्रमुख औद्योगिक संस्थानों में से एक भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhai Steel Plant – BSP) से एक गंभीर औद्योगिक हादसे की खबर सामने आई है। संयंत्र के भीतर अयस्क प्रबंधन संयंत्र (Ore Handling Plant – OHP) के ओएचपी जंक्शन पर कार्य के दौरान एक संविदा श्रमिक अचानक भारी स्टील प्लेट की चपेट में आ गया, जिससे उसके सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। सोमवार (20 जुलाई 2026) को हुई इस घटना के बाद संयंत्र परिसर में हड़कंप मच गया।
सुरक्षा हेलमेट भी नहीं झेल पाया स्टील प्लेट का वजन
मिली जानकारी के अनुसार, हादसे में घायल श्रमिक की पहचान सागर कुमार सिंह (उम्र 29 वर्ष) के रूप में हुई है। सागर कुमार संयंत्र के भीतर ठेका कंपनी मेसर्स मनहरन नायर के अंतर्गत संविदा श्रमिक के रूप में कार्यरत हैं।
यह दुर्घटना उस समय हुई जब वे निर्धारित ‘जी-शिफ्ट’ (G-Shift) में अयस्क प्रबंधन संयंत्र के ओएचपी जंक्शन पर रूटीन कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान ऊपर से अचानक एक भारी स्टील प्लेट उनके सिर पर आ गिरी। स्टील प्लेट का वजन और गिरने का वेग इतना अधिक था कि सागर कुमार के सिर पर पहना हुआ सुरक्षा हेलमेट (Safety Helmet) भी टूट गया और उनके सिर में गहरी चोट आई।
प्राथमिक उपचार के बाद जेएलएन अस्पताल रेफर
हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। कार्यस्थल पर मौजूद अन्य कर्मचारियों और बीएसपी के फील्ड स्टाफ ने मुस्तैदी दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया। घायल श्रमिक को एम्बुलेंस के जरिए दोपहर करीब 3:20 बजे भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य चिकित्सा केंद्र (MMP) ले जाया गया।
वहां उपस्थित डॉक्टरों की टीम ने स्थिति की गंभीरता और सिर की अंदरूनी चोट की आशंका को देखते हुए प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद बेहतर और उन्नत न्यूरो/सर्जिकल उपचार के लिए उन्हें तत्काल जवाहरलाल नेहरू अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (JLN Hospital & Research Centre – सेक्टर-9) रेफर कर दिया। वर्तमान में सागर कुमार सिंह का इलाज जेएलएन अस्पताल में चल रहा है, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है।
संयंत्र में सुरक्षा मानकों की समीक्षा और जांच की मांग
इस बड़े हादसे की जानकारी मिलते ही बीएसपी के संबंधित विभाग, ठेका प्रबंधन और श्रमिक यूनियनों के प्रतिनिधि भी अस्पताल और घटना स्थल पर पहुंच गए हैं। भिलाई इस्पात संयंत्र जैसे संवेदनशील और विशाल औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोपरि माना जाता है।
इस घटना के बाद एक बार फिर संयंत्र के भीतर संविदा श्रमिकों की सुरक्षा, मेंटेनेंस के समय बरती जाने वाली सावधानियों और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (PPE Kits) की गुणवत्ता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। संभावना जताई जा रही है कि संयंत्र प्रबंधन इस तकनीकी विफलता और हादसे के वास्तविक कारणों की उच्चस्तरीय जांच के आदेश देगा, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। फिलहाल, सभी की प्राथमिकता घायल श्रमिक के स्वास्थ्य में सुधार पर टिकी है।







