Rewa Protest News: रीवा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के दौरान पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधार से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को धरनास्थल से हटाए जाने के बाद विरोध की गूंज अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गई है। रविवार को रीवा में छात्रों, किसानों, अधिवक्ताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर संभागायुक्त कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई की मांग उठाई गई।
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों के साथ सख्ती उचित नहीं है। उन्होंने शिक्षा से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग भी की।
संभागायुक्त कार्यालय के बाहर जुटी बड़ी संख्या में भीड़
Rewa Protest News: रविवार को सुबह से ही संभागायुक्त कार्यालय के बाहर छात्र-छात्राएं, किसान संगठन, अधिवक्ता और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचने लगे। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और शांतिपूर्ण तरीके से धरना शुरू किया।प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग से जुड़े नारे लगाए। पूरे प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और पुलिस भी मौके पर मौजूद रही।
प्रदर्शनकारियों ने लगाए ये आरोप
धरने में शामिल लोगों का आरोप है कि दिल्ली में शिक्षा से जुड़े मुद्दों और NEET पेपर लीक मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन चल रहा था। उनका कहना है कि इसी दौरान सोनम वांगचुक को धरनास्थल से हटाया गया, जिसके विरोध में देश के कई हिस्सों में आवाज उठ रही है।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराना हर नागरिक का अधिकार है और इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठी मांग
Rewa Protest News: धरने के दौरान कई वक्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है, इसलिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
संसद मार्च को समर्थन देने का ऐलान
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में प्रस्तावित संसद मार्च के प्रति भी अपना समर्थन व्यक्त किया।कुछ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर रीवा से भी बड़ी संख्या में लोग दिल्ली जाकर आंदोलन में भाग लेंगे।
शांतिपूर्ण रहा पूरा प्रदर्शन
Rewa Protest News:हालांकि पूरे प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की हिंसा या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की सूचना नहीं मिली। पुलिस और प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
दोनों पक्षों के दावों पर स्पष्टता जरूरी
प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और विभिन्न आरोप लगाए। वहीं, इस संबंध में केंद्र सरकार का पक्ष इस समाचार में उपलब्ध नहीं है। यदि सरकार या संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है, तो उसे भी समाचार में शामिल किया जाना चाहिए ताकि पाठकों को पूरे मामले की संतुलित जानकारी मिल सके।







