Ambikapur News: अंबिकापुर। अंबिकापुर-बैकुंठपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर डुमरिया से केवरा-भैयाथान मार्ग स्थित गोबरी नदी का अस्थायी रपटा पहली ही तेज बारिश में बह गया। लोक निर्माण विभाग (सेतु संभाग) ने करीब 15 लाख रुपये की लागत से इस वैकल्पिक रपटे का निर्माण कराया था और लगभग एक माह पहले इसकी मरम्मत भी कराई गई थी। बावजूद इसके पहली ही बारिश में रपटा ध्वस्त हो गया, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
Ambikapur News: गौरतलब है कि गोबरी नदी पर बना करोड़ों रुपये की लागत वाला मुख्य पुल पिछले वर्ष जून में आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त होकर बह गया था। एक वर्ष बीतने के बाद भी नए पुल के निर्माण को स्वीकृति नहीं मिल सकी। ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देश पर सेतु विभाग ने 15 लाख रुपये खर्च कर अस्थायी रपटा तैयार कराया था, लेकिन यह व्यवस्था भी ज्यादा समय तक टिक नहीं सकी।
Ambikapur News: रपटा बहने के बाद डुमरिया, डबरीपारा, शिवप्रसादनगर, खुटरापारा सहित आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों का सूरजपुर जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट गया है। हजारों ग्रामीणों को अब आवागमन के लिए 20 किलोमीटर से अधिक का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। बारिश के दौरान कच्चे और कीचड़युक्त वैकल्पिक रास्तों से सफर करना जोखिमभरा हो गया है। इसका असर स्कूली बच्चों, किसानों, मरीजों और रोजाना जिला मुख्यालय आने-जाने वाले लोगों पर सबसे अधिक पड़ रहा है। वहीं, एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के गांवों तक पहुंचने में भी कठिनाई हो रही है।
Ambikapur News: गुणवत्ता पर उठे सवाल, जांच की मांग
Ambikapur News: घटना के बाद ग्रामीणों में विभाग के प्रति नाराजगी है। उनका आरोप है कि रपटा निर्माण और हालिया मरम्मत में गुणवत्ता के मानकों की अनदेखी की गई। एक माह पहले मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद पहली ही बारिश में रपटा बह जाना विभागीय लापरवाही को दर्शाता है।
Ambikapur News: ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही गोबरी नदी पर स्थायी पुल के निर्माण को तत्काल मंजूरी देकर कार्य शुरू कराने और तब तक मजबूत वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि बरसात के दौरान गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से बना रहे।







