Raigarh Elephant Case: रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ वन मंडल अंतर्गत घरघोड़ा वन परिक्षेत्र से वन्यजीवों के साथ क्रूरता करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ एक बड़ी और सख्त दंडात्मक कार्रवाई सामने आई है। पिछले दिनों सोशल मीडिया पर जंगली हाथियों को प्रताड़ित करने का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गंभीर और गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था खौफनाक वीडियो
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विगत दिनों घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के ग्राम छर्राटांगर के खेतों में दो जंगली हाथी भोजन और पानी की तलाश में पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ स्थानीय असामाजिक तत्वों ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए और दूसरों को दुष्प्रेरित करते हुए इन हाथियों को बेरहमी से पत्थर मारकर और पटाखे फोड़कर भगाने व परेशान करने का प्रयास किया। इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया था।
अधिकारियों के मार्गदर्शन में त्वरित कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार
वीडियो सामने आते ही वनमण्डलाधिकारी (DFO) रायगढ़ श्री अरविंद पी एम ने इसे बेहद गंभीरता से लिया। उप वनमंडलाधिकारी घरघोड़ा श्री आशुतोष मांडवा के मार्गदर्शन एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री विक्रांत कुमार के कुशल नेतृत्व में वन विभाग की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तत्काल घटनास्थल (छर्राटांगर) की पुष्टि की और वीडियो फुटेज के आधार पर हुलये का मिलान करते हुए गहन छानबीन की।
विभाग ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2(16), 9, 51 और 52 के तहत नियमों का घोर उल्लंघन करने के आरोप में दो मुख्य आरोपियों— मनमोहन (पिता सखाराम राठिया) एवं करम सिंह (पिता नकुल राठिया) को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ही आरोपियों को कल माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जहाँ से उन्हें जेल भेजा जाएगा।
वन विभाग की सख्त अपील— “हाथियों के साथ रील बनाना जानलेवा”
इस संवेदनशील घटना के बाद वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग छत्तीसगढ़ ने आम जनता और ग्रामीणों के लिए एक बेहद जरूरी और कड़क वैधानिक चेतावनी (एडवाइजरी) जारी की है:
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सुरक्षित दूरी रखें: ग्रामीण और आम नागरिक हाथियों के नजदीक बिल्कुल न जाएं और हमेशा एक सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
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रील/वीडियो न बनाएं: हाथियों के करीब जाकर मोबाइल से रील या सोशल मीडिया वीडियो बनाने का दुस्साहस बिल्कुल न करें, यह पूरी तरह जानलेवा साबित हो सकता है।
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तत्काल सूचना दें: यदि आपके क्षेत्र में हाथियों की आमद होती है, तो उन्हें खुद भगाने के बजाय इसकी सूचना तुरंत नजदीकी वन विभाग के कर्मचारियों को दें।
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कठोर वैधानिक कार्रवाई: हाथियों को पत्थर मारना, पटाखे जलाना या उन्हें किसी भी प्रकार से भड़काना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत एक गैर-जमानती और गंभीर दंडनीय अपराध है। ऐसा करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।








