Raigarh Revenue Meeting: रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी का कड़ा रुख: ‘राजस्व कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, परफॉर्मेंस खराब हुई तो नपेंगे अफसर-कर्मचारी’; बेहतर काम करने वाले पटवारी सम्मानित

Raigarh Revenue Meeting: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़: जिला कलेक्टोरेट स्थित सृजन सभाकक्ष में मैदानी राजस्व अमले की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि जिले में राजस्व कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि शासन की प्राथमिकता वाले सभी कार्यों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने साफ किया कि अब प्रत्येक राजस्व अधिकारी और कर्मचारी का मूल्यांकन उसके प्रदर्शन, कार्य-प्रगति और गुणवत्ता के आधार पर ही किया जाएगा।

अच्छा काम करने वाले हुए सम्मानित, खराब परफॉर्मेंस वालों की बनेगी लिस्ट

बैठक के दौरान कलेक्टर ने जहाँ उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रत्येक तहसील के एक-एक पटवारी को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया, वहीं लचर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने संतोषजनक कार्य न करने वाले अमले की सूची तैयार कर उनके स्थानांतरण (तबादले) की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं। इसके साथ ही, बेहतर काम करने वाले पटवारियों के नवाचारों और अनुभवों को साझा किया गया ताकि अन्य क्षेत्रों में भी तेजी लाई जा सके।

डिजिटल सेवाओं और स्वामित्व योजना की कड़क समीक्षा

कलेटर ने नक्शा बटांकन की ग्रामवार समीक्षा की और सभी को लक्ष्य निर्धारित कर समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने को कहा। उन्होंने ‘सुशासन तिहार’ के तहत लंबित आवेदनों, डिजिटल ऋण पुस्तिका, डिजिटल हस्ताक्षरित खसरा, फार्मर रजिस्ट्री और मल्टीपल ओनर खातों में बकेट क्लेम जैसी ऑनलाइन सेवाओं की तहसीलवार समीक्षा की। इसके अतिरिक्त, स्वामित्व योजना, असर्वेक्षित मसाहती वन से राजस्व ग्राम बनाने की प्रगति और वनाधिकार पट्टाधारियों के फौती नामांतरण के मामलों को भी गंभीरता से निपटाने के निर्देश दिए गए।

लैलूंगा और मुकड़ेगा तहसील पर नाराजगी, पंचायतों में सुलझेंगे छोटे विवाद

मिसल से खसरा मिलान के कार्य में लैलूंगा और मुकड़ेगा तहसीलों की धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी से काम करने की हिदायत दी। ग्रामीणों को त्वरित राहत देने और न्यायालयों का बोझ कम करने के लिए उन्होंने निर्देश दिया कि छोटे-छोटे राजस्व विवादों का समाधान ग्राम पंचायत स्तर पर ‘सामुदायिक मध्यस्थता समिति’ के माध्यम से कराया जाए।

समीक्षा बैठक के बाद राजस्व अमले को ‘आरबीसी-6-4 पोर्टल’ और ‘भू-अर्जन एप’ के प्रभावी और पारदर्शी उपयोग के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के., अपर कलेक्टर श्री रवि राही सहित जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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