CG Higher Education: रायपुर। छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में करियर बनाने की राह देख रहे युवाओं और लंबे समय से पदोन्नति (प्रमोशन) का इंतजार कर रहे विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए एक बेहद सकारात्मक और बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा 1 जुलाई 2026 को सुबह 11:00 बजे महानदी भवन (मंत्रालय) में उच्च शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक करने जा रहे हैं।
इस उच्च स्तरीय बैठक में नए शैक्षणिक सत्र के संचालन, रिक्त पड़े पदों पर सीधी भर्ती, लंबित पदोन्नति के मामलों, और प्रभार व्यवस्था जैसे अत्यंत संवेदनशील और नीतिगत विषयों पर गहन विचार-विमर्श (महामंथन) कर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
भर्ती, पदोन्नति और पुलिस सत्यापन जैसे लंबित प्रकरणों का होगा समयबद्ध निपटारा
विभागीय सूत्रों से प्राप्त आधिकारिक एजेंडे के अनुसार, इस समीक्षा बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु उच्च शिक्षा व्यवस्था को प्रशासनिक रूप से सुदृढ़ बनाना है। मंत्री टंक राम वर्मा बैठक में विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयीन स्तर पर रिक्त पदों के विवरण की समीक्षा करेंगे ताकि नई भर्ती प्रक्रियाओं के रास्ते जल्द खोले जा सकें।
इसके साथ ही, कर्मचारियों की लंबित विभागीय पदोन्नति (DPC), प्रभार व्यवस्था के सुचारू संचालन, नवनियुक्त स्टाफ के पुलिस सत्यापन (कैरक्टर वेरिफिकेशन) की धीमी गति और अन्य लंबित विभागीय मामलों के त्वरित व समयबद्ध निस्तारण के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और कड़े अनुशासन के साथ गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
नए शिक्षा सत्र के शुभारंभ पर विभागीय अमले को शुभकामनाएं देते हुए मंत्री टंक राम वर्मा ने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार के साझा विजन के तहत उच्च शिक्षा को अधिक पारदर्शी, अनुशासित और डिजिटल बनाने के लिए कई कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के समयबद्ध क्रियान्वयन की प्रगति जांची जाएगी।
शासन का स्पष्ट निर्देश है कि सभी महाविद्यालयों में पाठ्यक्रम निर्धारित समय पर शुरू और पूरे होने चाहिए, सेमेस्टर और वार्षिक परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ समय-सीमा में आयोजित की जाएं और शैक्षणिक कैलेंडर के भीतर ही परीक्षा परिणाम (रिजल्ट) भी अनिवार्य रूप से घोषित किए जाएं। इसके साथ ही, छात्र-छात्राओं की अनिवार्य उपस्थिति और कॉलेज परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
विद्यार्थियों के लिए स्थापित होंगे ‘हेल्प डेस्क’; भटकना नहीं पड़ेगा अब
छात्रों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए मंत्री वर्मा ने एक और बड़ी घोषणा की है, जिसके क्रियान्वयन की समीक्षा इस बैठक में होगी। प्रदेश के समस्त शासकीय और अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों में आने वाले विद्यार्थियों की समस्याओं (जैसे प्रवेश, छात्रवृत्ति, अंकसूची सुधार आदि) के त्वरित और एकल-खिड़की (सिंगल विंडो) निराकरण के लिए ‘हेल्प डेस्क’ स्थापित किए जा रहे हैं।
इस व्यवस्था के प्रभावी होने से दूर-दराज के अंचलों से आने वाले छात्र-छात्राओं को अपनी जायज समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, आयुक्त और सभी संभागों के क्षेत्रीय संचालक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।







