Salary Scam CG: जगदलपुर/बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिला पुलिस मुख्यालय से एक बेहद चौंकाने वाला और विभागीय साख को प्रभावित करने वाला बड़ा प्रशासनिक मामला सामने आया है। बस्तर के पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में पदस्थ तीन बाबुओं (लिपिकों) ने अपने ही विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन खातों में कूटरचना कर एक बड़े वित्तीय घोटाले को अंजाम दिया है।
एक सप्ताह से अधिक समय तक चली विभागीय और तकनीकी जांच के बाद सोमवार को इस वित्तीय गबन के मुख्य आरोपी तीनों बाबुओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। प्रारंभिक ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, इन आरोपियों पर पुलिस महकमे के बजट से करीब 3 करोड़ 54 लाख रुपये के गोलमाल का गंभीर आरोप लगा है, जिससे पूरे संभाग के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
वर्ष 2023 से कूटरचना कर पुलिसकर्मियों के वेतन से निकाल रहे थे राशि
आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त विवरण के मुताबिक, यह पूरा घोटाला वर्ष 2023 से लगातार और बेहद शातिर तरीके से संचालित किया जा रहा था। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की वेतन शाखा, स्थापना शाखा और ट्रेजरी (कोषालय) विभाग में कमान संभाल रहे इन कर्मचारियों ने मैदानी इलाकों और थानों में पदस्थ पुलिस जवानों के वेतन बिलों से हर महीने थोड़ी-थोड़ी राशि काटनी शुरू की।
अधीनस्थ कर्मचारियों को प्रति माह मिलने वाले वेतन में होने वाले इस सूक्ष्म अंतर की भनक शुरुआत में किसी को नहीं लगी, जिसका फायदा उठाकर आरोपी धीरे-धीरे शासकीय खजाने से एक बड़ी रकम का गबन करते चले गए।
अधिकारियों को हुआ संदेह, विशेष ऑडिट सॉफ्टवेयर ने पकड़ा 2 करोड़ का अवैध ट्रांजैक्शन
विगत कुछ समय से विभागीय बजट और ट्रेजरी मिलान में लगातार बढ़ती जा रही विसंगतियों तथा अन्य वित्तीय अनियमितताओं पर आला पुलिस अधिकारियों को गहरा संदेह हुआ। इसके बाद एसपी के निर्देश पर आंतरिक लेखा-परीक्षा (इंटरनल ऑडिट) और विशेष जांच दल का गठन किया गया। जांच टीम ने जब आधुनिक ‘विशेष ऑडिट सॉफ्टवेयर’ के माध्यम से पिछले दो वर्षों के विभागीय लेन-देन और रिकॉर्ड्स का गहन विसर्जन व मिलान किया, तो खातों में भारी गड़बड़ी उजागर हुई।
प्रारंभिक तकनीकी जांच में यह प्रमाणित हुआ है कि पिछले दो सालों के भीतर ही लगभग 2 करोड़ रुपये की राशि शासकीय खातों से सीधे तौर पर अन्य संदिग्ध और व्यक्तिगत बैंक खातों में ट्रांसफर (आहरित) की गई थी।
कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज; अन्य संलिप्त चेहरों की तलाश जारी
घोटाले का आधिकारिक प्रमाण मिलते ही पुलिस विभाग द्वारा जगदलपुर के कोतवाली थाना में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और शासकीय दस्तावेजों में हेरफेर का मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थापना और वेतन विंग के तीनों दोषी बाबुओं को गिरफ्तार कर स्थानीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
फिलहाल, पुलिस और संबंधित वित्तीय जांच एजेंसियां इस बात की गहन पड़ताल कर रही हैं कि इस करोड़ों के गबन में ट्रेजरी विभाग या बैंक के अन्य किन-किन कर्मचारियों की मूक सहमति या संलिप्तता थी। जांच के दायरे में कई अन्य संदिग्धों को भी शामिल किया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है।







