Indore Extortion Case: इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में न्यूज पोर्टल ‘करंट एक्सपोज’ के संपादक अनवर खान और उसके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। बाणगंगा थाना पुलिस ने सात दिनों के भीतर उनके खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज की है। इस बार मामला मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (MPEB) के एक वरिष्ठ अधिकारी से कथित ब्लैकमेलिंग, धमकी और अवैध वसूली से जुड़ा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
Indore Extortion Case: पुलिस के अनुसार, शिकायत एमपीईबी के कार्यपालक निदेशक शिवलाल करवाडिया ने दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अनवर खान और उसके साथियों ने उनके खिलाफ लगातार झूठी, भ्रामक और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली खबरें प्रकाशित कीं। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्हें बलात्कार जैसे गंभीर अपराध के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और लगातार दबाव बनाया गया।
Indore Extortion Case: एफआईआर में दर्ज आरोपों के मुताबिक, जून 2024 से फरवरी 2026 के बीच आरोपियों ने अलग-अलग समय पर धमकी देकर करीब डेढ़ लाख रुपये की राशि वसूल ली। शिकायत में यह भी कहा गया है कि साधना सिंह की पुत्री की फीस के नाम पर अतिरिक्त 70 हजार रुपये भी लिए गए। अधिकारी का आरोप है कि पूरी रकम डर और दबाव के माहौल में उनसे ली गई।
Indore Extortion Case: बाणगंगा पुलिस का कहना है कि अनवर खान और सिद्दीक खान पहले से ही एक अन्य एक्सटॉर्शन प्रकरण में न्यायालय के आदेश पर पुलिस रिमांड में हैं। इस नए मामले में फारुख खान को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां आरोपियों के बीच आपसी भूमिका, लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही हैं।
Indore Extortion Case: पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच केवल इस एक शिकायत तक सीमित नहीं रहेगी। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इसी तरह की कार्यप्रणाली अपनाकर अन्य लोगों को भी कथित रूप से ब्लैकमेल किया गया था। यदि जांच में ऐसे और मामले सामने आते हैं तो उनके आधार पर अलग-अलग कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Indore Extortion Case: फिलहाल पुलिस सभी आरोपों की तथ्यात्मक जांच कर रही है। मामले में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों के खिलाफ दर्ज सभी आरोप इस समय जांच के दायरे में हैं और अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया एवं पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।







