Friday, August 14, 2026
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Raipur Court: कोर्ट ने तय की सजा: हिरासत अवधि के बराबर सश्रम कारावास, जुर्माना न देने पर बढ़ेगी जेल

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Raipur Court: रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कानूनी सफलता मिली है। रायपुर की विशेष एनडीपीएस (NDPS) अदालत ने बंधुआपारा क्षेत्र में अवैध रूप से गांजा बेचने वाली एक महिला तस्कर को दोषी करार देते हुए सश्रम कारावास और भारी अर्थदंड की सजा सुनाई है। पुरानी बस्ती थाना पुलिस द्वारा मामले में की गई त्वरित विवेचना और अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए पुख्ता वैज्ञानिक व दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने यह कड़ा फैसला सुनाया है।

बंधुआपारा में रेड के दौरान 1.138 किलोग्राम गांजे के साथ हुई थी गिरफ्तारी

अभियोजन पक्ष और पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह पूरा मामला 9 जनवरी 2026 का है। थाना पुरानी बस्ती पुलिस को मुखबिर के जरिए एक पुख्ता सूचना मिली थी कि बंधुआपारा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से गांजे की बिक्री की जा रही है और युवा पीढ़ी को नशे की गर्त में धकेला जा रहा है। सूचना की तस्दीक करने के बाद पुलिस की विशेष टीम ने बंधुआपारा में चिन्हित स्थान पर योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर रेड की कार्रवाई को अंजाम दिया। मौके से पुलिस ने आरोपी महिला हिना परवीन को हिरासत में लिया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 1.138 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद कर विधिवत जब्त किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 17/2026, धारा 20(b) एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था।

कोर्ट ने हिरासत अवधि को ही माना सजा, ₹30,000 का लगाया अर्थदंड

पुरानी बस्ती पुलिस ने मामले की गहन विवेचना पूरी कर समय-सीमा के भीतर आरोपी महिला के विरुद्ध विशेष न्यायालय एनडीपीएस एक्ट रायपुर में चालान (आरोप पत्र) प्रस्तुत किया। मामले की विस्तृत सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माननीय विशेष न्यायालय ने आरोपी हिना परवीन उर्फ छोटी (पति वसीम खान), निवासी– मुस्लिम मोहल्ला, बंधवापारा को मादक पदार्थों की तस्करी का शत-प्रतिशत दोषी पाया।

अदालत द्वारा 24 जून 2026 को पारित किए गए अंतिम निर्णय के अनुसार, दोषी महिला को दिनांक 9 जनवरी 2026 (गिरफ्तारी की तारीख) से 24 जून 2026 तक की कुल न्यायिक अभिरक्षा अवधि के बराबर सश्रम कारावास की सजा भुगतने का आदेश दिया गया। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर ₹30,000/- (तीस हजार रुपये) का नगद अर्थदंड भी लगाया है। कानूनी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि दोषी महिला द्वारा अर्थदंड की राशि समय पर जमा नहीं की जाती है, तो उसे अतिरिक्त अवधि के लिए जेल (अतिरिक्त कारावास) में रहना होगा।

प्रभावी पुलिसिंग और साक्ष्य संकलन की कोर्ट में हुई सराहना

इस पूरे मामले में सजा की दहलीज तक पहुंचने का मुख्य श्रेय पुरानी बस्ती थाना पुलिस की मुस्तैद और प्रभावी विवेचना प्रणाली को जाता है। पुलिस टीम ने पंचनामा, गवाहों के बयान और मादक पदार्थ की जब्ती की प्रक्रियाओं को कानूनी मापदंडों के अनुरूप इतनी बारीकी से तैयार किया कि आरोपी पक्ष को अदालत में बचने का कोई मौका नहीं मिला। रायपुर पुलिस प्रशासन ने इस अदालती फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ ऐसी कठोर कानूनी सजाएं समाज में एक कड़ा संदेश देंगी और अपराध नियंत्रण में सहायक सिद्ध होंगी।

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