MP Death Certificate Policy: भोपाल। मध्यप्रदेश में नागरिक सेवाओं को सरल और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाते हुए इसे सीधे मुक्तिधाम (शमशान घाट) और विश्राम घाटों से जोड़ा जाए, ताकि शोक की स्थिति में परिजनों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
MP Death Certificate Policy: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कई बार लोगों को मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे पहले से ही दुख की स्थिति में परिवारों पर अतिरिक्त प्रशासनिक बोझ बढ़ जाता है। ऐसे में आवश्यक है कि तकनीक और व्यवस्था का उपयोग करते हुए इस प्रक्रिया को वहीं पूरा किया जाए, जहां मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न होती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस संबंध में विस्तृत और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि इसे पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।
MP Death Certificate Policy: नई प्रस्तावित व्यवस्था के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मुक्तिधाम या विश्राम घाटों पर ही आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की जा सके और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को त्वरित एवं सरल बनाया जा सके। इससे लोगों को नगर निगम, नगर पालिका, पंचायत या अन्य सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
MP Death Certificate Policy: मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि आम नागरिकों को वास्तविक राहत पहुंचाना है। इसी क्रम में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इस कदम को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ा और संवेदनशील निर्णय माना जा रहा है, जो सीधे तौर पर आम जनता के जीवन से जुड़ा हुआ है।
MP Death Certificate Policy: बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए, ताकि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया तेज और त्रुटिरहित हो सके।
MP Death Certificate Policy: इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिलों के विकास कार्यों का सोशल ऑडिट कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रभारी मंत्री अपने-अपने जिलों में विकास कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। साथ ही विकास के मूल्यांकन के लिए जिलों की भौगोलिक, औद्योगिक, कृषि और वन आधारित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग मानक तय किए जाएंगे।
MP Death Certificate Policy: सरकार का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था से न केवल प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ेगी बल्कि विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति भी सामने आएगी। विशेषज्ञों का भी मानना है कि मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक सेवा को अंतिम संस्कार स्थल से जोड़ना एक मानवीय और संवेदनशील सुधार है, जिससे आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।
MP Death Certificate Policy: फिलहाल इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए विभागीय स्तर पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है और आने वाले समय में इसे चरणबद्ध तरीके से प्रदेश भर में लागू किए जाने की संभावना है।









