UAE Social Media Ban: सोशल मीडिया के खिलाफ दुनिया में बढ़ी मुहिम, सोशल मीडिया इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक, कानून हुआ सख्त

VIKASH KHALKHO

UAE Social Media Ban: दुबई/रायपुर: बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर सोशल मीडिया के पड़ रहे दुष्प्रभावों को देखते हुए दुनिया भर में सख्त पाबंदियां लगाने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। ऑस्ट्रेलिया और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बाद अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी इस कड़े कानून को लागू करने वाले देशों की फेहरिस्त में शामिल हो गया है। नई रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूएई सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करने के लिए न्यूनतम आयु सीमा (Minimum Age) 15 साल तय कर दी है। इस ऐतिहासिक फैसले के साथ ही यूएई नाबालिग बच्चों के लिए सोशल मीडिया को पूरी तरह प्रतिबंधित करने वाला पहला अरब देश बन गया है।

बच्चे नहीं बना पाएंगे अकाउंट, पुराने होंगे डिसेबल

यूएई द्वारा जारी किए गए नए नियमों के तहत अब 15 साल से कम आयु के बच्चों को किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नया अकाउंट क्रिएट करने, उसे ऑपरेट करने या किसी भी रूप में उपयोग करने की कानूनी इजाजत नहीं होगी। इसका सीधा मतलब यह है कि बच्चे अब फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक या यूट्यूब जैसे मंचों पर न तो कोई कंटेंट पोस्ट कर पाएंगे और न ही किसी पोस्ट पर कमेंट या शेयर कर सकेंगे। उन्हें किसी भी पब्लिक ग्रुप को ज्वाइन करने की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी बच्चे ने पहले से अकाउंट बना रखा है, तो सोशल मीडिया कंपनियों को उसे तत्काल प्रभाव से डिसेबल (बंद) करना होगा।

कंपनियों के लिए AI आधारित ‘एज वेरिफिकेशन’ हुआ अनिवार्य

नए नियमों ने सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही को अत्यधिक कड़ा कर दिया है। अब सिर्फ “आई एम 15 इयर्स ओल्ड” के बॉक्स पर टिक करने (Self-Declaration) को उम्र का प्रमाण नहीं माना जाएगा। टेक कंपनियों को अब डिजिटल आइडेंटिटी चेक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी का उपयोग करके अनिवार्य रूप से यूजर की वास्तविक उम्र को वेरिफाई करना होगा। इसके अलावा, कंपनियां बच्चों के पर्सनल डेटा का इस्तेमाल बिहेवियरल प्रोफाइलिंग या टारगेटेड एडवरटाइजमेंट (विज्ञापनों) के लिए नहीं कर सकेंगी। इन सख्त नियमों को पूरी तरह लागू करने के लिए सभी टेक और सोशल मीडिया कंपनियों को 12 महीने का समय दिया गया है।

15 और 16 साल के किशोरों के लिए भी सुरक्षा घेरा

भले ही 15 साल से अधिक उम्र के बच्चों को इस पूर्ण प्रतिबंध से बाहर रखा गया है, लेकिन 15 और 16 वर्ष के किशोरों के लिए भी सरकार ने अतिरिक्त सेफ्टी टूल्स अनिवार्य किए हैं। इसके तहत वे सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान शख्स से बात नहीं कर पाएंगे। साथ ही प्लेटफॉर्म्स को उनके लिए स्क्रीन टाइम मैनेजमेंट, पैरेंटल सुपरविजन (माता-पिता की निगरानी) और उम्र के अनुकूल कंटेंट कंट्रोल जैसे सेफगार्ड फीचर्स इन-बिल्ट करने होंगे। गौरतलब है कि सोशल मीडिया की लत के कारण बच्चों में अवसाद, एकाग्रता की कमी और शारीरिक अस्वस्थता बढ़ रही है, जिसे देखते हुए कनाडा, मलेशिया, फ्रांस, नॉर्वे और जर्मनी जैसे देश भी जल्द ही ऐसे प्रतिबंधों पर मुहर लगा सकते हैं।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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