Chhattisgarh RTE Fees: आरटीई के दूसरे चरण के दाखिले शुरू, कमेटी तय करेगी कि किस शैक्षणिक सत्र से मिलेगा बढ़ी हुई राशि का लाभ

Chhattisgarh RTE Fees: रायपुर: छत्तीसगढ़ के निजी स्कूलों (प्राइवेट स्कूलों) में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत पढ़ रहे गरीब बच्चों की पढ़ाई को लेकर एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने चौदह वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आरटीई के तहत दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि में वृद्धि करने का एक बड़ा सैद्धांतिक निर्णय लिया है। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने इस फीस बढ़ोतरी की रूपरेखा और नई दरें तय करने के लिए एक विशेष हाईपावर कमेटी बनाने का कड़ा निर्देश लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) को जारी कर दिया है। सरकार के इस सकारात्मक कदम के बाद लंबे समय से आंदोलन कर रहे निजी स्कूल संगठनों ने अपना असहयोग आंदोलन तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है।

वर्ष दो हजार दस से अब तक प्रति छात्र मिल रहे थे केवल सात हजार रुपये

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आरटीई अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में पच्चीस प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब परिवारों के बच्चों के लिए आरक्षित रखी जाती हैं। इन सीटों पर प्रवेश लेने वाले छात्रों की पूरी फीस का भुगतान शासन द्वारा सीधे निजी स्कूल प्रबंधनों को प्रतिपूर्ति राशि के रूप में प्रदान किया जाता है। देश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के समय से लेकर अब तक छत्तीसगढ़ में यह राशि प्रति छात्र मात्र सात हजार रुपये सालाना ही तय थी। बढ़ती महंगाई और स्कूल संचालन के खर्चों को देखते हुए निजी स्कूल संचालक इसमें सम्मानजनक वृद्धि की मांग लगातार कर रहे थे।

शैक्षणिक सत्र दो हजार छब्बीस-सत्ताइस में प्रवेश रोकने की दी थी चेतावनी

अपनी इस मांग को लेकर निजी स्कूल एसोसिएशन ने मार्च महीने से ही सरकार के खिलाफ एक बड़ा असहयोग आंदोलन छेड़ रखा था। मांग पूरी न होने की स्थिति में संघ ने कड़ा रुख अपनाते हुए वर्तमान शैक्षणिक सत्र दो हजार छब्बीस-सत्ताइस (2026-27) में आरटीई की आरक्षित सीटों पर गरीब बच्चों को प्रवेश नहीं देने का एकतरफा सामूहिक निर्णय ले लिया था। यही कारण रहा कि आरटीई के पहले चरण की लॉटरी में नाम आने के बाद भी सैकड़ों मासूम छात्रों को कई दिनों तक स्कूलों के चक्कर काटने पड़े और उन्हें दाखिला नहीं मिल सका। हालांकि बाद में छात्रहित और पालकों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए स्कूलों ने प्रवेश देना प्रारंभ कर दिया था।

कमेटी तय करेगी कि किस वित्तीय वर्ष से मिलेगा बढ़ी हुई राशि का लाभ

स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, अब जब सरकार ने आधिकारिक तौर पर कमेटी बनाने के आदेश दे दिए हैं, तो आरटीई सीटों पर प्रथम चरण के दाखिले सफलतापूर्वक पूर्ण होने के पश्चात अब विभाग द्वारा दूसरे चरण की काउंसिलिंग प्रक्रिया भी तेजी से शुरू कर दी गई है। हालांकि निजी स्कूल संघ इस बात को लेकर पूरी तरह आशवस्त होना चाहता है कि कमेटी द्वारा बढ़ाई गई नई राशि का भुगतान उन्हें चालू शैक्षणिक सत्र से ही किया जाएगा, क्योंकि अभी तक शासन के आदेश में सत्र को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। बहरहाल, सरकार के इस निर्णय से हजारों गरीब बच्चों के भविष्य पर मंडरा रहा संकट फिलहाल टल गया है।

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