Monday, September 7, 2026
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Raigarh SECL Public Hearing Protest: रायगढ़: SECL कोल माइंस की जनसुनवाई का भारी विरोध; सैकड़ों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का किया घेराव

Raigarh SECL Public Hearing Protest: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक जिला रायगढ़ के तमनार क्षेत्र में प्रस्तावित साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की पेलमा कोल माइंस परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। सोमवार को परियोजना से प्रभावित होने वाली विभिन्न ग्राम पंचायतों के सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, किसान और आदिवासी समुदाय के लोग लामबंद होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को कलेक्टर के नाम एक कड़ा ज्ञापन सौंपकर आगामी 8 जून 2026 को ग्राम पेलमा में आयोजित होने वाली प्रस्तावित पर्यावरणीय जनसुनवाई (Environmental Public Hearing) को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की पुरजोर मांग की है।

रोजगार, पुनर्वास और मुआवजे की नीति पर गहराया असंतोष कलेक्ट्रेट पहुंचे आंदोलनकारी ग्रामीणों और स्थानीय प्रतिनिधियों का आरोप है कि SECL की इस बड़ी कोयला परियोजना से प्रभावित होने वाले वास्तविक किसानों, भूमिहीन परिवारों और विशेषकर स्थानीय आदिवासी समुदायों के बुनियादी हकों की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, भूमि अधिग्रहण, स्थायी रोजगार, पुनर्वास (Rehabilitation) तथा उचित मुआवजे से जुड़े संवेदनशील मुद्दों का अब तक प्रशासन और कंपनी स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई है कि प्रत्येक एकड़ अधिग्रहित भूमि के बदले परिवार के एक सदस्य को अनिवार्य रूप से स्थायी नौकरी दी जाए, सभी प्रभावितों को समान दर पर मुआवजा मिले, भूमिहीन परिवारों को रोजगार में प्राथमिकता दी जाए और संपूर्ण पुनर्वास नीति को लिखित रूप में सार्वजनिक व लागू किया जाए।

पूर्व विधायक और ग्रामीणों ने दी जनसुनवाई रोकने की चेतावनी लैलूंगा के पूर्व विधायक हृदय राम राठिया ने ग्रामीणों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि जब तक प्रभावित क्षेत्र के आदिवासियों और किसानों की जायज मांगों पर लिखित सहमति नहीं बन जाती, तब तक क्षेत्र में किसी भी प्रकार की जनसुनवाई नहीं होने दी जाएगी। ग्रामीणों ने भी दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों को नजरअंदाज कर एकतरफा जनसुनवाई करने की कोशिश की, तो इसका उग्र विरोध किया जाएगा। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी भी की।

प्रशासन ने दिया नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा इस पूरे मामले और ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए रायगढ़ के अपर कलेक्टर धनराज मरकाम ने आंदोलनकारियों से मुलाकात कर उनका ज्ञापन स्वीकार किया। अपर कलेक्टर मरकाम ने मीडिया और ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि ज्ञापन में उठाए गए सभी बिंदुओं और शिकायतों को उच्च स्तर पर दर्ज कर लिया गया है। प्रशासन इस पूरे मामले में नियमानुसार और न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करेगा, ताकि किसी भी प्रभावित वर्ग के साथ अन्याय न हो। बहरहाल, 8 जून को होने वाली इस जनसुनवाई पर अब संशय के बादल मंडराने लगे हैं।

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