IAS, IPS and IFS Salaries: रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में पदस्थ अखिल भारतीय सेवा (All India Services – AIS) के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को एक बड़ी वित्तीय राहत दी है। शासन ने इन अधिकारियों के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance – DA) में 2 फीसदी की विधिक बढ़ोतरी करने का कड़ा व कस्टमाइज्ड आदेश जारी कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा महानदी भवन से जारी आधिकारिक विधिक अधिसूचना के अनुसार, अब प्रदेश के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारियों को 58 फीसदी के स्थान पर 60 फीसदी महंगाई भत्ता विधिक रूप से प्रदाय किया जाएगा। शासन का यह कस्टमाइज्ड वित्तीय आदेश 1 जनवरी 2026 से विधिक रूप से प्रभावी माना जाएगा, जिससे अधिकारियों के वेतनमान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज होगी।
केंद्र की तर्ज पर संशोधित दरें मंजूर; जनवरी से मिलेगा नकद विधिक एरियर
मंत्रालय महानदी भवन, नया रायपुर से जारी आधिकारिक विधिक परिपत्र के अनुसार, यह निर्णय केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है:
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नकद विधिक भुगतान: अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के लिए संशोधित दरों पर बढ़ा हुआ यह महंगाई भत्ता आगामी वेतन के साथ जनवरी 2026 की विधिक प्रभावी तिथि से नकद (Cash) रूप में कस्टमाइज्ड भुगतान किया जाएगा।
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वसूली का कड़ा विधिक प्रावधान: आदेश में यह भी स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया है कि महंगाई भत्ते की यह गणना केवल वेतन मैट्रिक्स में निर्धारित मूल वेतन (Basic Pay) के आधार पर ही विधिक रूप से की जाएगी। इसमें किसी भी प्रकार के विशेष वेतन, प्रतिनियुक्ति भत्ते या अन्य अतिरिक्त भत्तों को विधिक रूप से शामिल नहीं किया जाएगा। यदि तकनीकी त्रुटि के कारण किसी अधिकारी को तय मापदंड से अधिक भुगतान हो जाता है, तो शासन संबंधित अधिकारी से उस विधिक राशि की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करेगा।
राज्य संवर्ग के अधिकारी-कर्मचारियों और पेंशनर्स का बढ़ा इंतजार; आंदोलित हैं संगठन
एक ओर जहां केंद्र और ऑल इंडिया सर्विस के बड़े विधिक अधिकारियों को नववर्ष 2026 का यह वित्तीय तोहफा मिल चुका है, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ राज्य संवर्ग (State Cadre) के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स में सुगबुगाहट तेज हो गई है।
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समान भत्ते की विधिक मांग: प्रांतीय कर्मचारी संगठन पिछले लंबे समय से केंद्र के समान तिथि और समान प्रतिशत पर महंगाई भत्ता व पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) लागू करने की विधिक मांग को लेकर कस्टमाइज्ड रूप से मुखर हैं।
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बढ़ी विधिक उम्मीदें: सचिवालयीन सूत्रों और प्रबुद्ध जनों का मत है कि शीर्ष नौकरशाहों (IAS-IPS) का विधिक आदेश जारी होने के बाद अब मैदानी अमले, संविदा और नियमित राज्य कर्मचारियों की नजरें मुख्यमंत्री और कैबिनेट के अगले वित्तीय फैसले पर टिक गई हैं। कर्मचारी संघों के प्रांतीय कस्टमाइज्ड समन्वयकों ने उम्मीद जताई है कि आगामी दिनों में राज्य सरकार प्रांतीय कर्मचारियों के हित में भी 60 फीसदी डीए की विधिक घोषणा कर उन्हें बड़ी राहत प्रदान कर सकती है।









