Sunday, August 23, 2026
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Ebola Virus Alert: WHO ने जारी किया ग्लोबल अलर्ट! 87 मौतों से मचा हड़कंप, जानें भारत की नई ट्रैवल एडवाइजरी

Ebola Virus Alert: इबोला वायरस अलर्ट को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और युगांडा में तेजी से फैल रहे इबोला संक्रमण के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने इसे अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अफ्रीका CDC ने भी इसे महाद्वीपीय सुरक्षा से जुड़ा स्वास्थ्य आपातकाल बताया है। भारत सरकार ने भी नागरिकों को कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है।

इबोला वायरस अलर्ट के बीच कांगो के पूर्वी इतूरी प्रांत में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अब तक कम से कम 87 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 300 से ज्यादा संदिग्ध मामलों की पहचान की गई है।स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार संक्रमण रोकने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन तेजी से बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है।

युगांडा तक पहुंचा इबोला संक्रमण
इबोला वायरस अलर्ट अब केवल कांगो तक सीमित नहीं रहा। पड़ोसी देश युगांडा में भी संक्रमण के मामले सामने आने लगे हैं।स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार वहां एक संक्रमित मरीज की मौत भी हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमावर्ती इलाकों में लगातार आवाजाही संक्रमण फैलने की सबसे बड़ी वजह बन सकती है।

बुंडीबुग्यो स्ट्रेन बना चिंता का कारण
इबोला वायरस अलर्ट में इस बार Bundibugyo स्ट्रेन को सबसे खतरनाक माना जा रहा है। यह इबोला वायरस का एक गंभीर प्रकार है जो संक्रमित व्यक्ति के शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थों के संपर्क से फैलता है।डॉक्टरों के मुताबिक संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीने, उल्टी और अन्य बॉडी फ्लूइड्स से संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ जाता है।

WHO ने क्यों जारी किया ग्लोबल अलर्ट
इबोला वायरस अलर्ट को लेकर WHO ने कहा है कि संक्रमण तेजी से सीमावर्ती देशों तक फैल सकता है। यही वजह है कि इसे Public Health Emergency of International Concern घोषित किया गया है।WHO का कहना है कि अगर समय रहते स्थिति पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो कई अफ्रीकी देशों में बड़ा स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है।
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भारत सरकार ने जारी की एडवाइजरी
इबोला वायरस अलर्ट को देखते हुए भारत सरकार ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नागरिकों को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है।सरकार ने एयरपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।

स्क्रीनिंग और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तेज
इबोला वायरस अलर्ट के बीच कांगो और युगांडा में बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है।संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों की पहचान के लिए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तेज कर दी गई है। स्वास्थ्य टीमें गांव-गांव जाकर जांच कर रही हैं और संदिग्ध मरीजों को अलग रखा जा रहा है।

अस्पतालों पर बढ़ा दबाव
इबोला वायरस अलर्ट ने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव डाल दिया है। कई अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ और जरूरी संसाधनों की कमी देखी जा रही है।ग्रामीण इलाकों में लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार जागरूकता अभियान चला रही हैं।

दुनिया क्यों हुई सतर्क?
इबोला वायरस अलर्ट को लेकर दुनिया इसलिए ज्यादा सतर्क है क्योंकि इबोला वायरस की मृत्यु दर काफी अधिक मानी जाती है।कोरोना महामारी के बाद अब दुनिया किसी भी नए संक्रमण को लेकर पहले से ज्यादा सावधान हो चुकी है। यही वजह है कि WHO समेत कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

क्या भारत पर भी हो सकता है असर?
इबोला वायरस अलर्ट के बीच फिलहाल भारत में संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा को देखते हुए पूरी सतर्कता जरूरी है।स्वास्थ्य एजेंसियां संक्रमित देशों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग और निगरानी पर खास ध्यान दे रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

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