Chauhan Samaj Meet: गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा (रायगढ़)। जिले के ग्राम बनई उपक्षेत्र के नवाडीह नूनदरहा में चौहान समाज की एक विशाल और भव्य उपक्षेत्रीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में बनई, बरकसपाली, रेंगालबहरी, केराखोल, चिर्रामुड़ा, चारभांठा और अरईमुड़ा गांवों के सैकड़ों प्रबुद्धजन, महिलाएं और युवा शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत में विद्या चौहान और उनकी टीम ने सुमधुर स्वागत गीत गाकर अतिथियों का अभिनंदन किया। इसके बाद अतिथियों ने गाड़ा समाज के इष्टदेव दूल्हादेव और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर बैठक का विधिवत शुभारंभ किया।
शिक्षा और नशामुक्ति पर विशेष चर्चा
बैठक को संबोधित करते हुए जिला चौहान समाज के अध्यक्ष देवप्रसाद चौहान ने समाज की उन्नति के लिए कई महत्वपूर्ण बातें सामने रखीं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक नियमावली और नशामुक्ति के मुद्दे पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके साथ ही उन्होंने समाज के उन प्रतिभावान बच्चों को पुरस्कृत करने की योजना के बारे में भी बताया, जो परीक्षाओं की प्रावीण्य सूची (मेरिट लिस्ट) में स्थान हासिल करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना समाज का विकास संभव नहीं है।
आरक्षण और आदिवासी वर्ग में बहाली की मांग
मुख्य अतिथि और जिला संरक्षक गनपत चौहान ने समाज के इतिहास और अधिकारों पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि साल 1949 में सीपी एंड बरार सरकार द्वारा गाड़ा जाति को अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग में शामिल किया गया था। हालांकि, साल 1956 में मध्य प्रदेश के गठन के समय हुई प्रशासनिक विसंगति के कारण इस समाज को अनुसूचित जाति (SC) वर्ग में डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि समाज को अपनी पुरानी प्रतिष्ठा वापस पाने के लिए और आदिवासी वर्ग में दोबारा शामिल होने के लिए एकजुट होकर एक बड़ी लड़ाई लड़नी होगी।
पदाधिकारियों ने दिया एकजुटता का संदेश
युवा जिलाध्यक्ष रामेश्वर चौहान सहित अन्य सामाजिक पदाधिकारियों जैसे राजकुमार चौहान, बोधन चौहान और रामवती चौहान ने भी सभा को संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने और आपसी एकजुटता को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन रामनाथ चौहान ने किया और अंत में सभी का आभार प्रदर्शन राजकुमार चौहान द्वारा किया गया। इस मौके पर अरुण कुमार, सहसराम, प्यारी लाल, अमरसाय, अभिमन्यु, मकरध्वज, महेश और चमार सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में समाज के पुरुष और महिला पदाधिकारी उपस्थित रहे।









