ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र से एक बेहद ही सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक महिला को उसके पति की जमानत कराने का झांसा देकर पहले ₹2 लाख की ठगी की गई और फिर दो अलग-अलग करीबियों द्वारा महिला को बंधक बनाकर ब्लैकमेल करते हुए शारीरिक शोषण किया गया। इस Gwalior Criminal Exploitation Case में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक रसूखदार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा फिलहाल फरार है।
जेल की दोस्ती में मिला खौफनाक धोखा (Bail Fraud Betrayal) पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़िता का पति पूर्व में एक हत्या के मामले में ग्वालियर और बाद में जबलपुर जेल में बंद था। जबलपुर जेल में रहने के दौरान उसकी दोस्ती मुरैना निवासी अंकित रावत नामक अपराधी से हुई। अंकित जब जेल से छूटा, तो उसने पति का हवाला देकर पीड़िता से संपर्क साधा। उसने महिला को विश्वास में लिया कि वह उसके पति की जमानत करा देगा और इस एवज में उसने ₹2 लाख ऐंठ लिए। इसके बाद 25 अक्टूबर की रात आरोपी ने महिला के घर में रुककर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया और बच्चों को जान से मारने की धमकी दी।
रिश्तेदार कांग्रेस नेता ने भी किया शोषण (Double Blackmail Assault) पीड़िता ने पुलिस को बताया कि इस भयावह घटना के बाद उसका दूर का बहनोई और स्थानीय कांग्रेस नेता विवेक तोमर उसके घर आया। विवेक को किसी तरह अंकित रावत वाली घटना की भनक लग गई थी। मदद करने के बजाय विवेक तोमर ने महिला को समाज में बदनाम करने की धमकी दी और अंकित के नाम पर ब्लैकमेल करते हुए 25 दिसंबर को उसके साथ भी जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
सास को बताई आपबीती, तब हुआ खुलासा बीते मार्च महीने में जब पीड़िता का पति जेल से छूटकर वापस आया, तो महिला अत्यधिक भय के कारण शांत रही। लेकिन दोनों आरोपियों की लगातार प्रताड़ना से तंग आकर आखिरकार दो दिन पहले उसने अपनी सास को रोते हुए पूरी आपबीती सुनाई। इसके बाद परिजनों के साथ पुरानी छावनी थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।
- पुलिस का बयान और कार्रवाई: “महिला की शिकायत पर दोनों नामजद आरोपियों अंकित रावत और विवेक तोमर के खिलाफ दुष्कर्म और धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी विवेक तोमर को गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरे फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना की गई हैं, उसे भी जल्द पकड़ लिया जाएगा।” — नागेंद्र सिंह सिकरवार, सीएसपी (CSP), ग्वालियर









