Iran US Trump Hormuz Strait deal talks : फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर लंबे समय से जारी तनाव अब नए मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों और नीतिगत बदलावों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर युद्ध जैसे हालात बने हुए थे, वहीं अब कूटनीतिक समाधान की चर्चा तेज हो गई है।
‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ पर अस्थायी रोक
अमेरिका द्वारा शुरू किया गया ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’, जिसका उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट में वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग देना था, उसे अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इस फैसले के बाद अमेरिका की सैन्य रणनीति और इरादों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
शांति वार्ता की दिशा में संकेत
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से दिए गए बयानों में संकेत मिले हैं कि ईरान के साथ समझौते की दिशा में बातचीत आगे बढ़ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच एक 14 सूत्रीय संभावित फॉर्मूले पर चर्चा हो रही है, जिसमें परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा प्रमुख मुद्दे हैं।
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ईरान की स्थिति और रणनीति
तनाव के बावजूद ईरान ने अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत बनाए रखी है। होर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर उसकी पकड़ को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थिति ने अमेरिका पर अप्रत्यक्ष दबाव बढ़ाया है।
संभावित समझौते की शर्तें
चर्चा में शामिल प्रस्तावों के अनुसार 30 दिन की वार्ता अवधि, यूरेनियम संवर्धन पर रोक, आर्थिक प्रतिबंधों में ढील और संयुक्त निरीक्षण जैसे बिंदु शामिल हो सकते हैं। हालांकि अभी किसी आधिकारिक समझौते की पुष्टि नहीं हुई है।
वैश्विक राजनीति में नया समीकरण
इस पूरे घटनाक्रम ने वैश्विक शक्ति संतुलन पर असर डाला है। जहां अमेरिका अपनी रणनीति में बदलाव करता दिख रहा है, वहीं ईरान इसे अपनी कूटनीतिक जीत के रूप में पेश कर रहा है।









