Mauganj Mango Trees Crisis : मऊगंज में ‘मैंगो क्राइसिस’: सूखते पेड़ों ने खोली सिस्टम की पोल, 5 सदस्यीय वैज्ञानिकों की टीम पहुंची गांव-गांव

0
88

Mauganj Mango Trees Crisis : मऊगंज: जिले की पहचान कहे जाने वाले आम के बगीचे आज विनाश की कगार पर हैं। आम के पेड़ों की लगातार हो रही मौत ने पर्यावरण और किसानों की आजीविका पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ द्वारा महीनों से दी जा रही चेतावनियों के बाद अब प्रशासन की नींद टूटी है और पांच सदस्यीय कृषि वैज्ञानिकों की टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा शुरू किया है।

वैज्ञानिकों की जांच और किसानों का आक्रोश: उद्यानिकी वैज्ञानिकों की टीम ने प्राथमिक जांच में पाया कि जिले के लगभग सभी आम के पेड़ एक ही प्रकार की गंभीर बीमारी और भारी पोषण की कमी से जूझ रहे हैं। हालांकि वैज्ञानिकों ने दवाओं के छिड़काव की सलाह दी है, लेकिन किसान नेता नरेंद्र सिंह सेंगर ने इसे प्रशासन की खानापूर्ति करार दिया है। सेंगर का कहना है कि सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर नए पेड़ लगाने का ढोंग तो करती है, लेकिन वर्षों पुराने पेड़ों को बचाने के लिए उसके पास कोई ठोस नीति नहीं है।

पर्यावरण और रोजगार पर खतरा: महासंघ के जिला अध्यक्ष ने दोटूक कहा है कि यदि समय रहते स्वास्थ्य परीक्षण और उचित कदम उठाए जाते, तो पीढ़ियों पुराने इन पेड़ों को बचाया जा सकता था। अब बड़ा सवाल यह है कि संसाधनों के अभाव में जूझ रहे किसानों को क्या धरातल पर कोई वास्तविक सरकारी मदद मिलेगी या मऊगंज के प्रसिद्ध आम के बाग केवल इतिहास का हिस्सा बनकर रह जाएंगे।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here