Gharghoda Coal Smuggling News : गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा: रायगढ़ जिले के घरघोड़ा कॉल ब्लॉक क्षेत्र में खनिज माफिया का आतंक अपनी चरम सीमा पर पहुँच गया है। स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्राम कारी छप्पर स्थित रेलवे साइडिंग से एक प्रभावशाली व्यक्ति के गुर्गों द्वारा रोजाना सैकड़ों टन कोयले की हेराफेरी की जा रही है। कोयला चोरी का यह संगठित खेल लंबे समय से जारी है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि स्थानीय प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं है, जिसे ग्रामीण ‘असंभव’ मान रहे हैं।
जीवनदायिनी कुरकुट नदी पर संकट: माफिया की नजर अब क्षेत्र की जीवनदायिनी कुरकुट नदी पर भी टिक गई है। नदी के सीने को चीरकर अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है, जिससे नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है और इसकी स्थिति दयनीय हो चुकी है। कोयला और रेत की इस निरंतर तस्करी से राज्य शासन को हर दिन लाखों रुपये के राजस्व की चपत लग रही है।
प्रशासनिक साहस पर सवाल: क्षेत्र में चर्चा है कि माफिया के रसूख और किसी बड़े दबाव के कारण स्थानीय प्रशासन कार्रवाई करने का साहस नहीं जुटा पा रहा है। खनिज संपदा से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और भारी वाहन अधिकारियों की नजरों के सामने से बेखौफ होकर गुजर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन इन अवैध गतिविधियों को रोकने में पूरी तरह बेबस नजर आ रहा है। अब क्षेत्र की जनता को जिले के ‘तेज-तर्रार’ पुलिस अधीक्षक से उम्मीद है कि वे अन्य अपराधों की तरह खनिज संपदा की इस लूट पर भी नकेल कसेंगे, ताकि शासन को होने वाली राजस्व क्षति को रोका जा सके।











