निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी और बोनस को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है। इस मुद्दे पर प्रदेश किसान कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
गेहूं बोनस घटाने का आरोप
धर्मेंद्र चौहान ने आरोप लगाया कि इस बार सरकार ने गेहूं पर मिलने वाला बोनस घटा दिया है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसानों के हितों के खिलाफ है।
खरीदी तारीख बढ़ाने पर सवाल
उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर गेहूं खरीदी की तारीख बढ़ा रही है। ऐसे समय में जब देश में युद्ध जैसे हालात हैं, यह फैसला किसानों के लिए और परेशानी बढ़ाने वाला है।
बारदाने की कमी से संकट
किसान कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि मंडियों में बारदाने की भारी कमी है। इसके चलते किसान अपनी उपज बेचने में दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।
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“कृषि कल्याण वर्ष” पर निशाना
सरकार द्वारा घोषित “कृषि कल्याण वर्ष” पर सवाल उठाते हुए चौहान ने कहा कि अगर यही हाल रहा, तो यह केवल नाम का ही कल्याण साबित होगा।
किसानों को हो रहा नुकसान
उनका कहना है कि कई किसान बीमा राशि जमा करने के लिए मजबूरी में गेहूं बेच रहे हैं। वहीं कुछ किसानों को अव्यवस्था के कारण ब्लैकलिस्ट भी किया जा रहा है।
सरकार पर आर्थिक संकट का आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार आर्थिक संकट से जूझ रही है, इसलिए किसानों को समर्थन मूल्य और बोनस देने में आनाकानी कर रही है।
सरकार से की मांग
किसान कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार तुरंत गेहूं बोनस बहाल करे, खरीदी व्यवस्था सुधारें और किसानों को राहत देने के ठोस कदम उठाए।











