ग्वालियर। विजयदशमी के पावन पर्व पर ग्वालियर में सिंधिया राजघराने की तीन शताब्दी पुरानी परंपरा को निभाते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पारंपरिक शमी पूजन किया। ग्वालियर के मांढरे की माता मंदिर परिसर में आयोजित इस पूजन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
राजशाही वेशभूषा में पहुंचे सिंधिया, अपने पूर्वजों की परंपरा का पालन करते हुए मांढरे की माता के दर्शन करने के बाद शमी वृक्ष का पूजन किया। परंपरा के अनुसार, पूजन के पश्चात उन्होंने म्यान से तलवार निकालकर शमी वृक्ष को स्पर्श किया, जिसे विजय का प्रतीक माना जाता है।
जैसे ही पूजन की प्रक्रिया पूरी हुई, वहां मौजूद हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु शमी के पत्तों को लूटने के लिए टूट पड़े। मान्यता है कि शमी की पत्तियाँ “स्वर्ण” का प्रतीक होती हैं, और इन्हें घर लाने से सुख, समृद्धि और विजय प्राप्त होती है।
सिंधिया परिवार की 300 वर्ष पुरानी परंपरा
सिंधिया राजघराना हर वर्ष विजयदशमी के दिन शस्त्र पूजन और शमी पूजन करता आया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया इस घराने की नौवीं पीढ़ी का नेतृत्व कर रहे हैं, और वे लगातार पारंपरिक रीति-रिवाजों को बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान सिंधिया ने उपस्थित लोगों से संवाद किया और दशहरा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए समाज में शांति, एकता और सद्भावना बनाए रखने का संदेश दिया।











