Monday, September 28, 2026
Home Chhattisgarh झीरम घाटी हमले की 12वीं बरसी : सियासत गर्म, जांच अब भी...

झीरम घाटी हमले की 12वीं बरसी : सियासत गर्म, जांच अब भी अधूरी…

रायपुर। छत्तीसगढ़ के इतिहास के सबसे दर्दनाक नक्सली हमलों में से एक झीरम घाटी हमले को आज 12 साल पूरे हो गए, लेकिन इस हत्याकांड की जांच अब भी अधूरी है। 25 मई 2013 को सुकमा जिले की इस घाटी में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हुए हमले में पार्टी के 27 नेता मारे गए थे, जिनमें वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा और प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल भी शामिल थे।

12वीं बरसी पर फिर एक बार सियासत गरमा गई है। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “झीरम के शहीदों को न्याय दिलाने की बजाय कांग्रेस ने इसे सिर्फ राजनीतिक मुद्दा बना दिया। भूपेश बघेल की सरकार ने जांच को लेकर कभी गंभीरता नहीं दिखाई।”

इस हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और बाद में झीरम न्याय आयोग के अधीन रही, लेकिन पीड़ित परिवारों को आज भी जवाबों का इंतजार है। हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम और बयानबाज़ी के साथ-साथ जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here