Tuesday, August 25, 2026
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पूर्व विधायक का ‘गोचर’ पर कब्जा बेनकाब, अपर कलेक्टर कोर्ट ने 6 साल बाद निरस्त किया अवैध पट्टा

बलरामपुर/शंकरगढ़। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में राजनीतिक रसूख और प्रशासनिक मिलीभगत का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। तहसील शंकरगढ़ के ग्राम मानपुर में शासकीय गोचर (चरागाह) भूमि पर एक पूर्व विधायक द्वारा किए गए अवैध कब्जे और फर्जी पट्टे को अपर कलेक्टर न्यायालय, राजपुर ने निरस्त कर दिया है। 12 दिसंबर 2025 को आए इस ऐतिहासिक फैसले में कोर्ट ने साफ कहा कि सरगुजा सेटलमेंट 1944-45 के अनुसार खसरा नंबर 228/5 की 0.372 हेक्टेयर भूमि पूर्णतः शासकीय गोचर है और इस पर किसी भी व्यक्ति का निजी स्वामित्व का दावा अवैध और निराधार है।

यह मामला केवल जमीन विवाद नहीं, बल्कि प्रशासनिक तंत्र की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। आरोप है कि वर्ष 2019 से इस बेशकीमती भूमि पर पूर्व विधायक का कब्जा था और राजस्व विभाग के अधिकारी शिकायतों के बावजूद इसे ‘निजी भूमि’ बताते रहे। राजस्व निरीक्षक की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 1990-91 के जिस कथित नामांतरण और पट्टे का हवाला दिया जा रहा था, उसके मूल दस्तावेज गायब हैं और राजस्व रिकॉर्ड में सुनियोजित तरीके से हेरफेर किया गया था। अपर कलेक्टर ने न केवल अवैध पट्टा निरस्त किया, बल्कि राजस्व रिकॉर्ड में तत्काल सुधार के भी आदेश दिए हैं। अब सवाल उठ रहे हैं कि उन अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी जिन्होंने सालों तक इस फर्जीवाड़े को संरक्षण दिया।

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