निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : उत्तर प्रदेश के वृंदावन स्थित केशी घाट पर यमुना नदी में हुए भीषण स्टीमर हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। हादसे को 14 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब भी 6 श्रद्धालुओं का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
10 की मौत, 22 को बचाया गया
प्रशासन के अनुसार, इस हादसे में अब तक 10 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। स्टीमर में कुल 37 लोग सवार थे, जिनमें से 6 अभी भी लापता हैं।
NDRF-SDRF की टीमें सर्च ऑपरेशन में जुटीं
घटना के बाद से ही NDRF, SDRF, स्थानीय पुलिस और गोताखोरों की टीमों द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। रेस्क्यू टीमों का कहना है कि अगले 24 घंटे इस ऑपरेशन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
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परिजनों की बढ़ती चिंता
लापता श्रद्धालुओं में मनीक टंडन, पंकज मल्होत्रा, ऋषभ शर्मा, यश भल्ला और मौनिका शामिल हैं। सभी के परिजन केशी घाट पहुंच चुके हैं और अपनों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद में बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
प्रशासन क्या कह रहा है?
पुलिस का कहना है कि संभावना है कि कुछ लापता श्रद्धालु सुरक्षित किसी अन्य स्थान पर पहुंच गए हों। इसके लिए आसपास के अस्पतालों, धर्मशालाओं और अन्य स्थानों पर भी जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि, परिजनों का कहना है कि अब तक उनका कोई संपर्क नहीं हुआ है।
घायलों का इलाज जारी
हादसे में घायल लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कर उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, पंजाब के लुधियाना से आए श्रद्धालु बांके बिहारी मंदिर के दर्शन के बाद स्टीमर से यमुना में सैर कर रहे थे। इसी दौरान केशी घाट के पास स्टीमर पांटून पुल से टकरा गया और अनियंत्रित होकर पलट गया। आरोप है कि श्रद्धालुओं के मना करने के बावजूद नाविक ने स्टीमर आगे बढ़ाया, जिससे यह हादसा हुआ।
मुआवजे की घोषणा
प्रधानमंत्री आपदा कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।











