VB-G RAM JI Scheme MP : भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में शनिवार को आयोजित किसान मोर्चा की महत्वपूर्ण बैठक में विकसित भारत, गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी-जी रामजी योजना) को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। भाजपा नेताओं ने इस योजना को ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने वाला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सिद्ध करने वाला एक ऐतिहासिक कदम बताया।
बैठक में मुख्य रूप से योजना के लाभ, इसके क्रियान्वयन और कांग्रेस के समय की कमियों पर चर्चा की गई। भाजपा नेताओं का मानना है कि यह योजना मनरेगा के पुराने ढर्रे को बदलकर उसे अधिक पारदर्शी और लाभकारी बनाएगी।
योजना के मुख्य बिंदु और नेताओं के विचार
1. आत्मनिर्भरता और सम्मान का माध्यम: भोपाल जिला अध्यक्ष रविंद्र यति ने कहा कि वीबी-जी रामजी योजना केवल एक रोजगार योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने का जरिया है। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके समय में मनरेगा भ्रष्टाचार का केंद्र थी, जबकि वर्तमान सरकार ने इसे तकनीक और पारदर्शिता से जोड़कर मजदूरों के अधिकारों को सुरक्षित किया है।
2. 100 की जगह 125 दिन का रोजगार: किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने एक बड़ी घोषणा साझा करते हुए बताया कि इस योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के पक्के रोजगार की गारंटी मिलेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन रुकेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
3. अंतिम व्यक्ति तक पहुँचने का लक्ष्य: किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष राजेश सिंह और अन्य पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे गांवों में जाकर अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को इस योजना के लाभों के बारे में बताएं। संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ जनसंपर्क अभियान को तेज करने पर जोर दिया गया ताकि कोई भी पात्र श्रमिक इस लाभ से वंचित न रहे।











