निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी गई समय-सीमा को एक बार फिर आगे बढ़ाते हुए सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ कहा है कि यदि ईरान जल्द ही स्ट्रेट को नहीं खोलता, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
ट्रंप की नई डेडलाइन से बढ़ा तनाव
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए “मंगलवार रात 8 बजे” का जिक्र किया, जिसे नई समय-सीमा के रूप में देखा जा रहा है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और गहरा गया है।
हमले की खुली चेतावनी
ट्रंप ने पहले भी कड़ी भाषा में कहा था कि अगर होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स और पुलों को निशाना बना सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि ऊर्जा और बुनियादी ढांचे पर बड़ा हमला किया जा सकता है।
बार-बार बढ़ाई जा रही समय-सीमा
गौरतलब है कि इससे पहले भी ट्रंप ईरान को कई बार अल्टीमेटम दे चुके हैं। पहले सोमवार तक की समय-सीमा तय की गई थी, जिसे अब तीसरी बार बढ़ाकर मंगलवार तक कर दिया गया है। हालांकि, इस दौरान चल रही बातचीत की प्रगति को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
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वैश्विक तेल सप्लाई पर असर
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस मार्ग के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उछाल और आपूर्ति संकट की आशंका बढ़ गई है।
ईरान का कड़ा जवाब
ट्रंप की धमकियों पर ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद-बघर गालिबफ ने कहा कि अमेरिका के कदम पूरे मिडिल ईस्ट को संघर्ष की आग में झोंक सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा रहा है।
बातचीत और युद्ध के बीच स्थिति
अमेरिका का दावा है कि वह अभी भी ईरान के साथ बातचीत में शामिल है, लेकिन साथ ही उसने सैन्य कार्रवाई के संकेत भी दिए हैं। ऐसे में स्थिति कूटनीति और टकराव के बीच फंसी नजर आ रही है।
क्या आगे बढ़ेगा संघर्ष?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तय समय तक कोई समझौता नहीं होता है, तो यह विवाद बड़े सैन्य टकराव का रूप ले सकता है। इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।











