मौत का तांडव : इंदौर में बेकाबू ट्रक ने मचाई तबाही, 2 की मौत, 13 घायल…रूह कपा देने वाला मंजर

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इंदौर में बेकाबू ट्रक ने मचाई तबाही
इंदौर में बेकाबू ट्रक ने मचाई तबाही

इंदौर, मध्य प्रदेश: कल देर शाम को इंदौर का एयरपोर्ट रोड उस वक्त मौत के हाइवे में बदल गया, जब एक बेकाबू ट्रक ने लगभग एक किलोमीटर तक कहर बरपाया। तेज रफ्तार इस ट्रक ने कई राहगीरों और वाहनों को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 13 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।

हादसे की पूरी कहानी

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक, यह खौफनाक घटना शाम के समय शुरू हुई जब नो-एंट्री जोन होने के बावजूद एक तेज रफ्तार ट्रक (MP09 ZP 4069) शहर में घुस आया।

सबसे पहले, इसने रामचंद्र नगर चौराहे पर दो बाइक सवारों को टक्कर मारी। टक्कर के बाद दोनों बाइक ट्रक में फंस गईं। ड्राइवर ने ट्रक रोकने की बजाय रफ्तार और बढ़ा दी, जिससे घिसटती हुई बाइक में आग लग गई और फिर उसमें धमाका हो गया। इसके बाद ट्रक में भी आग लग गई।

इसके बावजूद, ट्रक चालक ने गाड़ी नहीं रोकी और लोगों को कुचलते हुए आगे बढ़ता रहा। यह भयावह मंजर करीब सवा किलोमीटर तक जारी रहा, जिसमें ट्रक ने पैदल चल रहे लोगों, दोपहिया वाहनों और कारों को भी टक्कर मारी। प्रत्यक्षदर्शी सुभाष सोनी ने बताया कि ट्रक के नीचे एक शख्स जलता हुआ दिख रहा था, जिसे लोगों ने बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला। सुभाष का दावा है कि ट्रक के ब्रेक फेल हो गए थे और ड्राइवर नशे में था।

पुलिस और प्रशासन का एक्शन

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। डीसीपी कृष्णा लालचंदानी ने पुष्टि की कि ड्राइवर शराब के नशे में था और इसी वजह से वह ट्रक पर नियंत्रण नहीं रख पाया। पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है और उसे मल्हारगंज थाने में रखा गया है, जहां उसका मेडिकल कराया जा रहा है।

हादसे में घायल हुए 13 लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से 6 गीतांजलि अस्पताल में, 2 वर्मा यूनियन अस्पताल में, 2 बांठिया अस्पताल में, 2 अरबिंदो अस्पताल में और 1 भंडारी अस्पताल में भर्ती है। चार घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है।

मुख्यमंत्री और कलेक्टर ने लिया संज्ञान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अपर मुख्य सचिव (गृह) को इंदौर जाकर हालात का जायजा लेने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने इस बात की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं कि रात 11 बजे से पहले शहर के नो-एंट्री जोन में भारी वाहन कैसे घुसा।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने खुद अलग-अलग अस्पतालों का दौरा किया और घायलों से मिलकर उनके इलाज की मॉनिटरिंग की। अरविंदो अस्पताल में एक बच्ची को देखकर कलेक्टर भावुक हो गए और उन्होंने कहा, “यह मेरी बेटी है।” उन्होंने सभी घायलों को हरसंभव सरकारी मदद का आश्वासन दिया है। इस घटना ने एक बार फिर शहर में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और भारी वाहनों के अनियंत्रित प्रवेश पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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