Monday, September 28, 2026
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Ram Mandir Fund: राजनीतिक हलचल: उज्जैन पहुंचे दिग्विजय सिंह, प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली और समसामयिक मुद्दों पर घेरा

Ram Mandir Fund: उज्जैन। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह अपने संगठनात्मक प्रवास के दौरान उज्जैन पहुंचे। यहां स्थानीय सर्किट हाउस में आयोजित एक गरिमामयी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) पर तीखे राजनीतिक बाण छोड़े। दिग्विजय सिंह ने न केवल राम मंदिर निर्माण से जुड़े फंड के उपयोग में कथित आर्थिक अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच की मांग बुलंद की, बल्कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जुड़े एक कथित जमीन मामले में भी अपने पास पुख्ता दस्तावेज होने का सनसनीखेज दावा किया। हालांकि, इन गंभीर आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और सत्ता पक्ष या संबंधित संगठनों की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक पलटवार सामने नहीं आया है।

राम मंदिर निर्माण और फंड प्रबंधन में पारदर्शिता की आवश्यकता

सर्किट हाउस में मीडिया जगत के प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है। ऐसे में मंदिर निर्माण और उससे जुड़े विभिन्न फंड्स के उपयोग को लेकर जो गंभीर सवाल लगातार उठ रहे हैं, उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि इस पूरे वित्तीय प्रबंधन की एक निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट किया कि धार्मिक और जन-आस्था से जुड़े किसी भी विषय में शत-प्रतिशत वित्तीय पारदर्शिता बेहद अनिवार्य है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जुड़े कथित जमीन मामले पर घेरा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा दिग्विजय सिंह के उस दावे की रही, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सीधे तौर पर घेरा। दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री से जुड़े एक कथित जमीन मामले के कुछ बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील दस्तावेज उनके हाथ लगे हैं। उन्होंने मीडिया को बताया कि वर्तमान में उनकी तकनीकी और कानूनी टीम इन सभी दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन कर रही है। कांग्रेस नेता ने कड़े लहजे में चेतावनी दी कि वे सही और उचित समय आने पर इन सभी दस्तावेजों को सार्वजनिक करते हुए पूरे मामले का बड़ा पर्दाफाश करेंगे।

प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली और नीतियों पर खड़े किए सवाल

अपने उद्बोधन के अंतिम चरण में पूर्व मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश की वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और अन्य समसामयिक ज्वलंत मुद्दों पर भी राज्य सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की कार्यप्रणाली इस समय पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है और जनहित के मुद्दों को लगातार ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है। दिग्विजय सिंह के इस आक्रामक उज्जैन दौरे और तीखे बयानों के बाद प्रदेश की सियासत में एक बार फिर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू होने की पूरी संभावना बन गई है।

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