Trafficking of young women : अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में मानव तस्करी का एक गंभीर मामला सामने आया है। अंबिकापुर पुलिस ने एक युवती की खरीद-फरोख्त करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। यह कार्रवाई पीड़िता की बहन द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि युवती को नौकरी दिलाने के बहाने उज्जैन ले जाकर बेच दिया गया।
जानकारी के अनुसार, 19 नवंबर 2025 को पीड़िता की सहेली अलका ने शादी-पार्टी में काम दिलाने का झांसा देकर उसे पत्थलगांव ले जाने का प्रस्ताव दिया। इसके बाद योजना के तहत पीड़िता को मध्यप्रदेश के उज्जैन ले जाकर अशोक नामक व्यक्ति को 2 लाख रुपये में बेच दिया गया। आरोप है कि अशोक ने युवती को कैद में रखकर जबरन विवाह भी कर लिया।
पीड़िता की बहन की शिकायत के आधार पर अंबिकापुर पुलिस ने 26 नवंबर को थाना मणिपुर में विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस टीम उज्जैन रवाना हुई और भंवर सिंह के कब्जे से पीड़िता को सुरक्षित बरामद किया। साथ ही आरोपी मुकेश को गिरफ्तार कर रिमांड में भेजा गया था।
Trafficking of young women : मुख्य आरोपी अशोक परमार और एक महिला आरोपी घटना के बाद फरार थे। 5 दिसंबर को पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली, जिसके आधार पर मणिपुर पुलिस टीम ने उज्जैन में दबिश दी। इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी अशोक परमार (30 वर्ष) और एक अन्य महिला आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। इस कार्रवाई में थाना मणिपुर के प्रभारी निरीक्षक अश्विनी सिंह, सहायक उप निरीक्षक शौखी लाल और आरक्षक सत्येंद्र दुबे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि मानव तस्करी और महिलाओं की खरीद-फरोख्त के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह प्रकरण क्षेत्र में सनसनी फैलाने के साथ ही मानव तस्करी के खिलाफ मजबूत निगरानी और जागरूकता की आवश्यकता को उजागर करता है।













