Tikamgarh : टीकमगढ़ के किसान रामलाल प्रजापति ने सब्जी उत्पादन और गोपालन से दिखाई कमाई की राह

VIKASH KHALKHO

रिपोर्ट: संतोष कुशवाहा/टीकमगढ़ : मेहनत, लगन और सोच-समझ के साथ काम किया जाए तो खेती-किसानी में भी किसान अपनी तकदीर बदल सकता है। बुंदेलखंड के टीकमगढ़ जिले के बड़ागांव धसान कस्बे के रामलाल प्रजापति इसका जीता-जागता उदाहरण हैं।

रामलाल प्रजापति ने शुरू में अपनी पुश्तैनी जमीन पर गेहूं, चना और मटर की परंपरागत खेती की थी, लेकिन 2020 के बाद उन्हें एहसास हुआ कि इससे खास मुनाफा नहीं हो रहा। इसके बाद उन्होंने सब्जियों की खेती और गोपालन की दिशा में कदम बढ़ाया। उन्होंने दिखाया कि इस क्षेत्र में न केवल किसान की आमदनी बढ़ सकती है, बल्कि गांव में ही मजदूरों को रोजगार भी मिल सकता है।

रामलाल प्रजापति के फार्म हाउस पर हर दिन 50 से 100 किसान उनकी सब्जी उत्पादन और गोपालन की मॉडल को देखने आते हैं। उन्होंने अपने अनुभव को निस्वार्थ भाव से अन्य किसानों के साथ साझा किया।

मुख्य उपलब्धियां और पहल:

  • रामलाल प्रजापति के फार्म में हरी मिर्च, बैंगन, शिमला मिर्च और टमाटर की पैदावार से रोजाना लगभग 400 मजदूरों को रोजगार मिलता है।
  • इससे बुंदेलखंड में पलायन घटा और ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार मिला।
  • अब तक 600 किसानों को ट्रेनिंग देकर उन्होंने सब्जी उत्पादन के मॉडल को फैलाया।
  • साल 2024 में उन्होंने 30 एकड़ जमीन में हरी मिर्च, बैंगन, टमाटर और शिमला मिर्च की खेती की और दिल्ली तक अपने उत्पाद पहुँचाए।
  • उनका मानना है कि किसान को हमेशा बाजार की मांग के अनुसार खेती करनी चाहिए। अनाजों की बजाय सब्जियों और गोपालन में निवेश करना ज्यादा लाभदायक है।

रामलाल के अनुसार, गोपालन से न केवल दूध का व्यापार होता है बल्कि गोबर से जैविक खाद बनाकर बेचने का भी व्यापार विकसित किया जा सकता है। इस धंधे की सबसे खास बात यह है कि इसमें लागत कम और मुनाफा ज्यादा है।

ग्रामीणों की प्रतिक्रिया:

  • विनीता अहिरवार (ग्रामीण महिला): “रामलाल भैया के अनुभव से हम भी सीख रहे हैं कि कैसे कम जमीन पर अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है।”
  • आसिफ शाह (ग्रामीण): “उनकी मेहनत और सोच हमें प्रेरित करती है, अब हम भी सब्जी और गोपालन की ओर बढ़ रहे हैं।”

रामलाल प्रजापति की यह पहल यह साबित करती है कि बुंदेलखंड जैसे क्षेत्र में भी अगर किसान सही मार्गदर्शन और टेक्नोलॉजी का उपयोग करें तो खेती-किसानी में नई तस्वीर बनाई जा सकती है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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