Tikamgarh Collectorate : टीकमगढ़ कलेक्ट्रेट में हड़कंप: न्याय न मिलने से आहत दलित बुजुर्ग ने गेट पर तौलिया बांधकर किया सुसाइड का प्रयास

VIKASH KHALKHO

Tikamgarh Collectorate : टीकमगढ़। (संतोष कुशवाहा) टीकमगढ़ जिले के कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य द्वार पर आज उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्रशासन की कार्यप्रणाली से नाराज एक दलित बुजुर्ग किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। बुजुर्ग ने कलेक्ट्रेट के चैनल गेट पर अपनी सूती तौलिया का फंदा बनाकर लटकने की कोशिश की। मौके पर तैनात मुस्तैद पुलिस के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए बुजुर्ग को बचाया और उनके गले से तौलिया अलग कर उन्हें शांत कराया। इस घटना ने जिला मुख्यालय पर हड़कंप मचा दिया और प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए।

Tikamgarh Collectorate : पीड़ित बुजुर्ग किसान की पहचान ग्राम कुर्राई निवासी छत्ता अहिरवार के रूप में हुई है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि कुछ समय पूर्व मऊरानीपुर निवासी क्रपेंद्र सिंह और उसके साथियों ने उसे बहला-फुसलाकर वृद्धावस्था पेंशन चालू करवाने का लालच दिया था। आरोपी उसे जतारा रजिस्ट्री ऑफिस ले गए, जहाँ अनपढ़ होने का फायदा उठाकर धोखे से उसकी 2 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री पर अंगूठा लगवा लिया। आरोपियों ने बुजुर्ग को यह कहकर गुमराह किया कि यह प्रक्रिया पेंशन के कागजात तैयार करने के लिए जरूरी है।

Tikamgarh Collectorate : जमीन छिन जाने की जानकारी मिलने के बाद, बुजुर्ग किसान न्याय की आस में दर-दर भटकता रहा। छत्ता अहिरवार के अनुसार, उसने टीकमगढ़ जिला प्रशासन से लेकर भोपाल तक अपनी शिकायतें भेजीं और वरिष्ठ अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन लंबी प्रतीक्षा के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई और उसकी जमीन वापस नहीं मिली, तो वह गहरे अवसाद में चला गया। इसी हताशा के चलते आज उसने कलेक्ट्रेट कार्यालय के गेट पर अपनी जीवनलीला समाप्त करने जैसा आत्मघाती कदम उठाया।

Tikamgarh Collectorate : घटना की जानकारी मिलते ही जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अपर कलेक्टर शिवप्रसाद मंडराह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि बुजुर्ग की शिकायत और जमीन की धोखाधड़ी से जुड़े दस्तावेजों की गहनता से जांच की जाएगी। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित किसान को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

Tikamgarh Collectorate : फिलहाल, पुलिस और प्रशासन ने बुजुर्ग को समझा-बुझाकर घर भेज दिया है, लेकिन कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर हुई इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित सुनवाई न होना आम नागरिक को किस कदर हताश कर सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी ठोस कार्रवाई कर पीड़ित किसान की जमीन उसे वापस दिला पाता है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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