Teonthar SDM Driver Bribery : त्यौंथर/रीवा (विकास बघेल)। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के त्यौंथर तहसील में प्रशासन का एक अमानवीय चेहरा सामने आया है। आरोप है कि त्यौंथर एसडीएम के चालक की रिश्वतखोरी और दबंगई के चलते एक बेवा महिला का घर जमींदोज कर दिया गया। घटना ग्राम पंचायत चुनरी की है, जहाँ पीड़िता का आरोप है कि उसे बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के बेघर कर दिया गया।
रिश्वत नहीं तो ‘बुलडोजर’!
पीड़िता ममता साकेत (निवासी चुनरी) ने अत्यंत गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि एसडीएम का चालक रामजी मिश्रा, जो उसी ग्राम पंचायत का निवासी है, उससे 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा था। ममता के अनुसार, जब उसने यह राशि देने में असमर्थता जताई, तो चालक ने पद का प्रभाव दिखाते हुए उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
गैर-मौजूदगी में हुई कार्रवाई
पीड़िता का कहना है कि जिस वक्त कार्रवाई की गई, वह और उसके परिवार के सदस्य घर पर नहीं थे। प्रशासन ने आनन-फानन में घर को शासकीय भूमि पर अतिक्रमण बताकर गिरा दिया। ममता साकेत का सवाल है कि:
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नोटिस कहाँ है?: नियमानुसार अतिक्रमण हटाने से पहले नोटिस दिया जाना अनिवार्य है, जो नहीं दिया गया।
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पक्षपात का आरोप: चालक रामजी मिश्रा खुद उसी गांव का है, जिससे इस कार्रवाई के पीछे निजी रंजिश और दबाव की आशंका जताई जा रही है।
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मानवीयता की कमी: एक बेवा महिला को अपना पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया गया।
प्रशासनिक मौन पर सवाल
घटना के बाद से पीड़िता ममता साकेत न्याय की गुहार लेकर दर-दर भटक रही है, लेकिन अब तक किसी भी वरिष्ठ अधिकारी ने उसकी सुध नहीं ली है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे संवेदनशील मामले पर फिलहाल कोई भी प्रशासनिक अधिकारी कैमरे के सामने बोलने को तैयार नहीं है। चालक द्वारा देर रात घर आकर दबाव बनाने के आरोपों ने प्रशासनिक मर्यादाओं पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
ममता साकेत (पीड़िता निवासी चुनरी) “एसडीएम साहब का चालक रामजी मिश्रा हमसे 50 हजार रुपये मांग रहा था। उसने कहा था कि पैसे नहीं दोगी तो घर गिरवा दूंगा। हम गरीब लोग पैसे कहाँ से लाते? जब हम घर पर नहीं थे, तभी हमारा घर गिरा दिया गया। अब हम अपने बच्चों के साथ कहाँ जाएं?”











