उज्जैन : मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के तराना नगर में शुक्रवार देर रात (23 जनवरी) एक बार फिर हिंसा भड़क उठी। इमलीबाड़ा इलाके में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अचानक पथराव किए जाने से इलाके में तनाव फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुरु प्रसाद पाराशर तत्काल मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, उपद्रवियों को खदेड़ा
पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर पथराव करने वालों को खदेड़ा और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। इसी बीच कृषि उपज मंडी के पास आगजनी की भी सूचना मिली, जिससे प्रशासन और सतर्क हो गया। एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
25 आरोपी गिरफ्तार, इलाके में धारा 163 लागू
तराना हिंसा मामले में पुलिस अब तक 25 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए पूरे इलाके में धारा 163 लागू कर दी गई है। DIG नवनीत भसीन, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा और जिला कलेक्टर रोशन सिंह स्वयं शहर की गलियों में घूमकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रहा है।
संतों में रोष, सख्त कार्रवाई की मांग
घटना को लेकर संत समाज में भी गहरा आक्रोश देखा गया। तिलभांडेश्वर मंदिर के महंत मोहन भारती ने कहा कि तराना हमेशा से शांति का प्रतीक रहा है। जो लोग शहर की फिजा बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग भी की।
बजरंग दल नेता पर हमले से शुरू हुआ विवाद
पूरे घटनाक्रम की शुरुआत गुरुवार रात (22 जनवरी) हुई, जब बजरंग दल के नगर मंत्री सोहिल ठाकुर पर हमला किया गया। इस हमले में वे गंभीर रूप से घायल हुए और उनके सिर में चोट आई। घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। विरोध में एक समूह ने बसों में तोड़फोड़ की और पुलिस थाने का घेराव कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
दो गुटों के बीच बढ़ा तनाव, हिंसा में बदला विरोध
पुलिस ने पहले चरण में 6 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। हालांकि, शुक्रवार को दूसरे समूह द्वारा पथराव और तोड़फोड़ की घटनाओं ने हालात को और बिगाड़ दिया, जिससे विरोध हिंसा में तब्दील हो गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और शांति व्यवस्था बहाल करने के प्रयास जारी हैं।











