Tanzania Gold Scam Raipur : रायपुर : राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत करोड़ों रुपये की अंतरराष्ट्रीय ठगी करने वाले मुख्य आरोपी यश राजेश शाह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने तंजानिया में सोने की खदानों में हिस्सेदारी दिलाने के नाम पर रायपुर के कारोबारियों से करीब 2 करोड़ रुपये हड़प लिए थे। पुलिस ने उसे मुंबई एयरपोर्ट पर उस समय पकड़ा, जब वह वियतनाम भागने की योजना बना रहा था।
फर्जी खदान दिखाकर जीता था भरोसा
ठगी की यह कहानी किसी फिल्म की तरह शुरू हुई। आरोपी यश शाह ने रायपुर के कारोबारी समर्थ बरडिया से ऑनलाइन संपर्क किया और उन्हें तंजानिया की गोल्ड माइन्स में 50 प्रतिशत पार्टनरशिप का लालच दिया। विश्वास दिलाने के लिए वह समर्थ बरडिया और उनके जीजा को तंजानिया भी ले गया। वहाँ उसने अपने साथी अब्दुल्लाह किलियावापे न्युजे को खदान का मालिक बताकर कारोबारियों को फर्जी खदान दिखाई। इस झांसे में आकर कारोबारियों ने किस्तों में लगभग 2 करोड़ रुपये निवेश कर दिए।
लुकआउट नोटिस ने फेल की भागने की साजिश
पैसे लेने के बाद जब आरोपियों ने संपर्क काटना शुरू किया, तब समर्थ बरडिया को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज कराया। आरोपी यश शाह की जमानत अर्जी कोर्ट से खारिज होने के बाद उसने देश छोड़ने की कोशिश की। हालांकि, रायपुर पुलिस ने पहले ही उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करवा दिया था। जैसे ही यश शाह मुंबई एयरपोर्ट से वियतनाम के लिए उड़ान भरने पहुँचा, सुरक्षा एजेंसियों ने उसे पहचान लिया और रायपुर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस रिमांड पर होगा पूछताछ का दौर
रायपुर पुलिस की एक टीम आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर रायपुर ला रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यश शाह से पूछताछ में इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की गई रकम की रिकवरी के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है। मामले का दूसरा बड़ा आरोपी अब्दुल्लाह किलियावापे न्युजे अभी भी फरार है, जिसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपर्क साधा जा रहा है।
मामले का संक्षिप्त विवरण:
- मुख्य आरोपी: यश राजेश शाह (गिरफ्तार)।
- शिकायतकर्ता: समर्थ बरडिया (रायपुर)।
- ठगी की राशि: लगभग 2 करोड़ रुपये।
- धाराएं: 420 (धोखाधड़ी), 120B (साजिश) एवं अन्य (BNS)।











