Thursday, August 27, 2026
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NCERT किताब पर सुप्रीम कोर्ट की तगड़ी फटकार, कहा- माफी नहीं है काफी, बताएं कौन है इसके पीछे ?

Supreme Court
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निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : NCERT की 8वीं कक्षा की सोशल साइंस पुस्तक में न्यायपालिका से जुड़े कथित आपत्तिजनक अंशों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने स्पष्ट कहा कि बिना शर्त माफी स्वीकार नहीं की जाएगी और मामले की गहन जांच कराई जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित चैप्टर पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए पुस्तक की छपी प्रतियों के प्रकाशन और डिजिटल साझा करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।

फिजिकल और डिजिटल कॉपी पर कार्रवाई

कोर्ट ने आदेश दिया कि पुस्तक की भौतिक प्रतियां जब्त की जाएं। साथ ही चेतावनी दी कि किसी भी रूप में सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जस्टिस बागची ने टिप्पणी की कि डिजिटल युग में सामग्री तेजी से फैलती है, इसलिए यह जानना आवश्यक है कि यह सामग्री किस तरह प्रकाशित हुई।

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सुनवाई में क्या हुआ?

सॉलिसिटर जनरल (SG) ने अदालत को बताया कि बाजार में पहुंची प्रतियां वापस ली जा रही हैं। इस पर CJI ने कहा कि मामला गंभीर है और यह न्यायपालिका की छवि को प्रभावित करता है।उन्होंने कहा कि जब तक जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान नहीं हो जाती, तब तक जांच जारी रहेगी।

शिक्षा मंत्रालय की आपत्ति

24 फरवरी 2026 को जारी ‘Exploring Society: India and Beyond, Vol II’ पुस्तक के चैप्टर 4 में न्यायपालिका की भूमिका पर विवादित सामग्री सामने आई थी। शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने वितरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए। NCERT ने बयान जारी कर कहा कि सामग्री अनजाने में शामिल हुई और संस्था न्यायपालिका का सम्मान करती है।

आगे की राह

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह मामला केवल एक पाठ्य त्रुटि नहीं, बल्कि संस्थागत गरिमा से जुड़ा प्रश्न है। NCERT Class 8 Book Controversy अब राष्ट्रीय स्तर पर बहस का विषय बन गई है और जांच के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

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