Sukma Portacabin Incident : सुकमा। सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखंड स्थित बालाटिकरा पोर्टाकेबिन आवासीय विद्यालय में मध्याह्न भोजन के दौरान हुए हादसे ने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। 7 फरवरी को भोजन पकाते समय हुए इस दर्दनाक हादसे में दो मासूम छात्राएं और तीन महिला रसोइया गंभीर रूप से झुलस गई थीं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अमित कुमार के निर्देश पर गठित जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर अब विद्यालय की महिला प्राचार्य पर गाज गिरी है।
जांच प्रतिवेदन में पाया गया कि विद्यालय परिसर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। प्राचार्य राजमेन कुजूर द्वारा प्रस्तुत किया गया स्पष्टीकरण जिला प्रशासन को असंतोषजनक लगा। प्रशासन ने इसे विद्यालय प्रमुख के रूप में अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैया माना है। इसी के चलते प्राचार्य के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कदम उठाए गए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्राचार्य राजमेन कुजूर को उनके वर्तमान पदभार से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है। उन्हें पोर्टाकेबिन बालाटिकरा से हटाकर शासकीय हाई स्कूल कांजीपानी (छिंदगढ़) में केवल अध्यापन कार्य के लिए स्थानांतरित कर दिया गया है। साथ ही, उनके आचरण को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के विपरीत मानते हुए उनकी एक वार्षिक वेतन वृद्धि (इन्क्रीमेंट) को असंचयी प्रभाव से रोक दिया गया है।
यह कार्रवाई जिले के अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक कड़ा संदेश है। ‘नियद नेलानार’ जैसे विकास कार्यक्रमों के बीच बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। घायल छात्राओं और रसोइयों का उपचार जारी है, वहीं इस प्रशासनिक फेरबदल से क्षेत्र के अन्य विद्यालयों में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।











