sukma News : कृष्णा नायक/ सुकमा : सुकमा :- छत्तीसगढ़ में आज से धान खरीदी शुरू होनी है, लेकिन सुकमा जिले की हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग तस्वीर पेश कर रही है। जिले के कई धान खरीदी केंद्रों में सुबह से ताला लटका हुआ है। केंद्र संचालित करने वाले कर्मचारियों की हड़ताल जारी है और खरीदी प्रक्रिया शुरू करने के लिए अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं दिखाई दे रही। प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के दावे जरूर किए गए हैं, लेकिन ग्राउंड स्थान की सच्चाई कुच्छ और ही कहती है। कि इन दावों का असर अभी तक जमीनी स्तर पर नहीं पहुची है।
sukma News : आज 15 नवम्बर से धान ख़रीदी छत्तीसगढ़ में चालू होना हैं। आज की जनधारा की टीम सुकमा जिले के अलग अलग धान खरीदी केंद्रों की पड़ताल करने पहुंची तो उन्हें धान केंद्रों में बंद दरवाजे और ताले लगे हुए मिले। कुछ केंद्रों में एक-दो अस्थायी कर्मियों के पहुंचने की चर्चा जरूर है। लेकिन प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं। नियमों के मुताबिक खरीदी प्रक्रिया तभी शुरू हो सकती है जब केंद्र में तौल प्रक्रिया, रजिस्ट्रेशन, गुणवत्ता परीक्षण और ऑनलाइन एंट्री का काम एक साथ संचालित हो। लेकिन फिलहाल ये सभी व्यवस्थाएं ठप नजर आ रही हैं।
sukma News : किसानों की बेचैनी बढ़ती जा रही है
sukma News : धान पूरी तरह तैयार है और ग्रामीण इलाकों में कटाई-मड़ाई का काम तेजी से पूरा किया जा चुका है। ऐसे में किसान उम्मीद लगाए बैठे थे कि 15 नवंबर से खरीदी शुरू होने से उन्हें राहत मिलेगी। लेकिन जब केंद्र बंद मिले, तो किसानों में स्पष्ट नाराज़गी देखने को मिली।
sukma News : दुब्बाटोटा के किसान पुनेम वीरा का कहना है। कि यदि खरीदी प्रक्रिया देरी से शुरू होती है, तो धान बोरे में खराब होना शुरू हो जाएगा। जिनके पास भंडारण की सुविधा नहीं है, वे खुले में बोरा रखकर मौसम के भरोसे बैठे हैं। इससे नुकसान की आशंका और बढ़ जाती है।
sukma News : धान खरीदी केंद्र प्रबंधक नेहाल का कहना है। कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं, इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी की जा रही है। हड़ताल कर्मियों के बदले नए ऑपरेटर कल भेजे गए है लेकिन उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है इसलिए दिक्कतें आ रही है जल्द ही ऑपरेटरों को इसकी सारी जानकारी दे कर काम शुरू कराया जाएगा।
sukma News : लेकिन सवाल यह है कि जब खरीदी शुरू होने की तारीख पहले से तय थी, तो फिर वैकल्पिक व्यवस्था पहले से क्यों नहीं तैयार की गई?ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, कई केंद्रों में अभी तक न तो वैकल्पिक स्टाफ पहुंचा है और न ही तौल मशीनें चेक की गई हैं।
sukma News : किसानों के सवाल:- प्रशासन कब तक करेगा व्यवस्था?
sukma News : धान खरीदी प्रणाली का पूरा ढांचा केंद्रों पर निर्भर है। और जब कर्मचारी हड़ताल पर हैं, तो प्रशासन के सामने दो ही विकल्प हैं – या तो हड़ताली कर्मचारियों को मनाया जाए, या वैकल्पिक व्यवस्था तुरंत मजबूत की जाए। लेकिन फिलहाल दोनों में से कोई भी स्थिति स्पष्ट नहीं दिख रही। किसानों का कहना है कि खरीदी शुरू होने के दावे कागज़ों पर चल रहे हैं, जबकि मैदान में अभी कुछ भी शुरू नहीं हुआ है।
sukma News : सुकमा जिले में धान खरीदी की आधिकारिक शुरुआत तो हो गई है, लेकिन केंद्रों की बंद हालत और कर्मचारियों की हड़ताल ने पूरी प्रक्रिया को अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रशासन के पास अब समय कम है और किसानों की उम्मीदें टूटी न हों, इसके लिए जमीनी स्तर पर तुरंत कार्रवाई की आवश्यकता है। खरीदी तभी सफल मानी जाएगी जब किसान केंद्रों पर पहुंचे और उनकी उपज की तौल और भुगतान की प्रक्रिया बिना रुकावट के आगे बढ़ सके। फिलहाल ग्राउंड जीरो की तस्वीर साफ कहती है। धान खरीदी शुरू होने के दावे हुए हैं, लेकिन व्यवस्था पूरी तरह तैयार नहीं है।
sukma News : सुकमा जिले में इतने धान खरीदी केंद्र है।
1 एर्राबोर
2 कूकानार
3 केरलापाल
4 कांझीपानी
5 कोडरीपाल
6 कोंटा
7 गादीरास 1
8 गादीरास2
9 गोलापल्ली 1
10 गोलापल्ली 2
11 चिंतागुफा 1
12 चिंतागुफा 2
13 छिंदगढ़
14 जगरगुंडा
15 तोंगपाल1
16 तोंगपाल 2
17 दोरनापाल
18 नेतानार
19 पुषपाल
20 पोलमपल्ली
21 मेखावाया
22 मुंडपल्ली
23 मिचवार
24 सुकमा
25 सोना कूकानार











