Sukma Mahtari Vandan Yojana News : कृष्णा नायक सुकमा/सुकमा/बड़ेसेट्टी (19 फरवरी 2026): छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले की बड़ेसेट्टी पंचायत, जिसने हाल ही में राज्य की पहली नक्सल सदस्य मुक्त पंचायत होने का गौरव प्राप्त किया है, अब महिला सशक्तिकरण का केंद्र बन गई है। यहाँ की ग्रामीण महिलाएं ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं, बल्कि देश के शीर्ष नेतृत्व के प्रति अपना विश्वास भी व्यक्त कर रही हैं।
“मोदी ने भेजी है हमारी राशि”: पोडियम माड़के
पंचायत की निवासी श्रीमती पोडियम माड़के के लिए महतारी वंदन योजना संकट के समय में एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है। जब उनसे योजना के लाभ के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बड़ी मासूमियत और विश्वास के साथ कहा— “यह राशि प्रधानमंत्री मोदी ने हमारे लिए भेजी है।” माड़के ने बताया कि प्रतिमाह मिलने वाली 1,000 रुपये की इस सहायता से वे अपने घरेलू खर्च, दवाइयों और बाजार के छोटे-मोटे कार्यों को बिना किसी पर निर्भर हुए पूरा कर पा रही हैं।
आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत आधारशिला
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना ने सुकमा जैसे दूरस्थ अंचलों में महिलाओं के जीवन में व्यापक बदलाव किया है। नक्सलवाद के अंधेरे से बाहर निकली इन महिलाओं के लिए यह योजना आत्मसम्मान और आत्मविश्वास का नया आधार प्रदान कर रही है। ग्रामीण महिलाओं का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उनके सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
संकटकाल में संबल बनी योजना
बड़ेसेट्टी पंचायत में अब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर परिवार और समाज में अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभा रही हैं। योजना के माध्यम से मिलने वाली राशि ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति दी है। श्रीमती माड़के ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण परिवेश की हर उस महिला के लिए वरदान है, जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी बुनियादी जरूरतों को दबा लेती थी।













