जांजगीर-चांपा। Nishaanebaz.com-Janjgir Champa POCSO Act Action: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण थाना क्षेत्र से बालिका सुरक्षा और त्वरित पुलिस कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है। यहां एक नाबालिग बालिका को सूने स्थान पर ले जाकर जबरन अनाचार करने वाले 55 वर्षीय आरोपी को शिवरीनारायण पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं पीड़िता को तत्काल आवश्यक उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
क्या है पूरा मामला?
शिवरीनारायण पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना दिनांक 24 अक्टूबर 2026 की है, जब पीड़िता अपने घर पर अकेली थी। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर बच्ची को अकेला पाकर बहलाया-फुसलाया और उसे एक सूने स्थान पर ले गया। वहां आरोपी ने पीड़िता के साथ जबरन अनाचार की घटना को अंजाम दिया।
घटना की जानकारी परिजनों को मिलते ही उन्होंने शिवरीनारायण थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई और मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही पुलिस का क्विक एक्शन, आरोपी गिरफ्तार
मामला नाबालिग बालिका से जुड़ा होने के कारण पुलिस प्रशासन ने इसे अत्यंत संवेदनशीलता से लिया। शिकायत दर्ज होते ही पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए आरोपी की तलाश शुरू की और उसके संभावित ठिकानों व निवास पर दबिश देकर उसे हिरासत में ले लिया।
कड़ाई से की गई पूछताछ में अपराध के पुख्ता साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी छोटेलाल साहू (उम्र 55 वर्ष) को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस टीम का सराहनीय योगदान
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई इस त्वरित कार्रवाई में शिवरीनारायण थाना पुलिस स्टाफ की अहम भूमिका रही। इस सफल कार्रवाई में:
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उप निरीक्षक एवं थाना प्रभारी के.पी. सिंह
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प्रशिक्षु उप निरीक्षक गोपी सिंह
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उप निरीक्षक एम. पुष्पा
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सहायक उप निरीक्षक संतोष बंजारे
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प्रधान आरक्षक मोहन साहू, रामसरकार, राजेश कश्यप, विकास शर्मा, यशवंत पाटले सहित पूरे शिवरीनारायण थाना स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।
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जांजगीर-चांपा पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले किसी भी प्रकार के अपराध में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और ऐसे अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।