फकरे आलम खान/बचेली [Nishanebaaz News]। Bacheli NMDC Re-Employment INTAC Objection के तहत एनएमडीसी (NMDC) बचेली परियोजना में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति और निजी बसों के संचालन के लिए वर्क ऑर्डर जारी किए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (इंटक) ने प्रबंधन के इन निर्णयों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
यूनियन अध्यक्ष चंद्र कुमार मंडावी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने महाप्रबंधक (मानव संसाधन) से मुलाकात कर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा और दोनों फैसलों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
नियमित भर्ती प्रक्रिया लंबित होने के बीच रिटायर्ड कर्मियों की री-एंट्री पर सवाल
इंटक ने ज्ञापन के माध्यम से कहा है कि यदि एनएमडीसी बचेली परियोजना में कर्मचारियों की वास्तव में आवश्यकता है, तो प्रबंधन को पहले से लंबित नियमित भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना चाहिए।
यूनियन का कहना है कि:
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युवाओं की अनदेखी: परियोजना में एल-1 (L-1) और एल-2 (L-2) श्रेणी के पदों के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं ने आवेदन किया है और वे महीनों से भर्ती पूरी होने की आस लगाए बैठे हैं।
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पदोन्नति के अवसर प्रभावित: सेवानिवृत्त कर्मियों को दोबारा मौका देने से जहां नए युवाओं के रोजगार के अवसर छिनेंगे, वहीं वर्तमान में कार्यरत नियमित कर्मचारियों के पदोन्नति (Promotions) और अन्य सेवा संबंधी अवसरों पर भी विपरीत असर पड़ेगा।
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21 बसें होने के बाद भी 2 निजी बसों के वर्क ऑर्डर पर माँगा स्पष्टीकरण
परियोजना में परिवहन व्यवस्था को लेकर भी यूनियन ने प्रबंधन पर लापरवाही और वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई है। इंटक के मुताबिक, वर्तमान में बचेली परियोजना के पास खुद की लगभग 21 बसें उपलब्ध हैं, जबकि प्रतिदिन दैनिक आवागमन के लिए केवल 10 से 12 बसों की ही आवश्यकता पड़ती है।
इसके बावजूद एक निजी कंपनी की दो अतिरिक्त बसों के संचालन के लिए वर्क ऑर्डर जारी किए जाने पर यूनियन ने सवाल खड़े किए हैं। इंटक ने मांग की है कि जब आवश्यकता से अधिक बसें पहले से मौजूद हैं, तो निजी बसों को शामिल करने का क्या औचित्य है? प्रबंधन इस पर स्थिति स्पष्ट करे और वर्क ऑर्डर पर पुनर्विचार करे।
बचेली के साथ किरंदुल में भी तैयारी, एटक ने भी दिया ज्ञापन, व्यापक विरोध के आसार
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बचेली के साथ-साथ पड़ोसी किरंदुल परियोजना में भी 1 सितंबर से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पुनर्नियुक्त करने की आंतरिक तैयारी चल रही है, हालांकि प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इंटक के बाद शाम को संयुक्त खदान मजदूर संघ (एटक) ने भी दोनों मुद्दों के विरोध में महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंप दिया। इस खबर के सार्वजनिक होते ही बचेली और आसपास के क्षेत्रों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। महीनों से एनएमडीसी में L-1 और L-2 भर्ती का इंतजार कर रहे स्थानीय युवाओं में भारी रोष और असंतोष देखा जा रहा है। आने वाले समय में इस मुद्दे को लेकर स्थानीय स्तर पर उग्र आंदोलन और व्यापक विरोध प्रदर्शन के आसार नजर आ रहे हैं।





